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गोरखपुर में बढ़ती गर्मी और उमस का असर शरीर के साथ- साथ लोगों के दिमाग पर पड़ रहा है। अधिकतर लोग चिड़चिड़ापन और छोटी- छोटी बात पर गुस्से के शिकार हो रहे। भरी गर्मी में पेट्रोल- डीजल के लिए लाइन में लगे लोगों के बीच आपस में मारपीट और बहस के कई मामले सामने आए। ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि जब कभी भी अचानक भीषण गर्मी या ठंडी पड़ने लगे तो इंसान का दिमाग उसके लिए तैयार नहीं रहता है। जिससे असहज फिजिकल कंडिशन हो जाता है कि जिसका असर दिमाग पर पड़ता है। जब इंसान रेस्टलेस महसूस करता है तो चिड़चिड़ापन होती है और छोटी- छोटी बात पर गुस्सा आने लगता है। जिसमें कम धैर्य वाले लोग आपा खो देते हैं। खुद पर कंट्रोल नहीं रख पाते। डॉक्टर ने ऐसी स्थिति से बचाव के लिए गर्मी से बचने, खुद को हाइड्रेटेड रखने, पर्याप्त मात्रा में नींद लेने और सुबह शाम योग करने की सलाह दी है। सामान्य भाषा में हीट एंजायटी होता डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के साइकेट्रिस्ट डॉ. अमित कुमार शाही ने बताया कि अत्यधिक गर्मी जब दिमाग बर्दास्त नहीं कर पाता है तो बेचैनी बढ़ जाती है, मन चिड़चिड़ा हो जाता है या बिना वजह घबराहट महसूस होती है। इस स्थिति को सामान्य भाषा में हीट एंजायटी कहा जा सकता है। तेज गर्मी शरीर का तापमान, हार्मोन और नींद के पैटर्न को बिगाड़ देती है, जिसका सीधा असर हमारे मूड पर पड़ता है। लगातार पसीना, डिहाइड्रेशन, थकान और खराब नींद दिमाग को तनाव की स्थिति में पहुंचा देते हैं। यही वजह है कि गर्मियों में लोग जल्दी परेशान, गुस्सैल या मानसिक रूप से थका हुआ महसूस करते हैं। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान आदतों को अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। इन सामान्य कारणों से आता है गुस्सा बॉडी का टेम्प्रेचर बैलेंस करने से थकता दिमाग
डॉक्टर के अनुसार तेज धूप का असर शरीर पर सीधा पड़ता है। ऐसे में अंदर के उसे ठंडा रखने और बाहरी तापमान को बैलेंस करने के लिए शरीर की ज्यादा एनर्जी खर्च होती है। जिसका असर दिमाग पर पड़ता है और मानसिक थकावट पैदा होती है। यही थकान धीरे-धीरे चिड़चिड़ापन और बेचैनी में बदल जाती है। डिहाइड्रेशन बिगाड़ देता है मूड
वहीं गर्मी में पसीने के जरिए शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स निकल जाते हैं। अगर शरीर में पानी की कमी हो जाए तो सिरदर्द, कमजोरी, ध्यान न लगना और मूड स्विंग्स शुरू हो सकते हैं। कई लोग इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। आगे चलकर यह गुस्से और चिड़चिड़ापन के रूप में बाहर निकलता है। नींद पूरी न होने से बढ़ता तनाव
गर्मी अक्सर रात में लोगों की नींद पूरी नहीं हो पाती है। उमस या अन्य दिक्कतों की वजह से बार- बार नींद खुलती है। जिससे दिमाग को आराम नहीं मिलता। इससे अगले दिन तनाव, गुस्सा और घबराहट ज्यादा महसूस की जाती है। गुस्से से बचने के लिए इन उपायों को अपनाएं
डॉक्टर का कहना है कि इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में गुस्से, घबराहट और चिड़चिड़ेपन से बचने के लिए कुछ जरुरी और छोटे- छोटे उपाय अपनाने होंगे। जिनमें
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गर्मी में बढ़ रहा है गुस्सा और चिड़चिड़ापन:गोरखपुर में पेट्रोल पंपों पर मारपीट, डॉक्टर बोले- रेस्टलेस हो रहा है दिमाग















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