6756 thousand quintals of substandard lentils worth Rs 4.72 crore purchased, will now be upgraded



सरकारी गोदाम में अलग रखी अमानक मसूर।

उपार्जन केंद्रों से भंडारण के लिए गोदामों पर भेजी 4.72 करोड़ कीमत की 6756 क्विंटल मसूर अमानक निकली है। समर्थन मूल्य खरीदी में 2% तक कचरा-मिट्टी का मानक रखा है। उपार्जन केंद्रों पर 2% से अधिक मात्रा में कचरा व मिट्टी निकली है। गोदामों पर अलग स्टेक लगाक

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  • अलग-अलग गोदामों में भंडारण के लिए भेजी मसूर में कचरा-मिट्‌टी 2% से अधिक

जिले में समर्थन मूल्य पर चना व मसूर की खरीदी मार्कफेड कर रही है। सेवा सहकारी संस्थाओं को उपार्जन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संस्थाओं ने निर्धारित मानकों को अनदेखा कर 6756 क्विंटल मसूर अमानक खरीद ली है। दरअसल, संस्थाओं ने उपार्जन केंद्रों पर खरीदी गई मसूर भंडारण के लिए सरकारी गोदामों पर भिजवाई। मार्कफेड सर्वेयरों ने भंडारण से पहले सैंपल जांच की।

जांच में 2% से अधिक मात्रा में कचरा-मिट्टी मिली। 2.50% से 5% और 5.50% तक कचरा-मिट्टी पाई गई है। इसी के चलते गोदामों पर सर्वेयरों ने 6756 क्विंटल मसूर रिजेक्ट कर दी है। रिजेक्ट मसूर को गोदामों में अलग स्टेक लगाकर रख दिया है। अपग्रेडिंग कराने के लिए संबंधित संस्थाओं को लेटर जारी किए हैं।

अपग्रेडिंग कराने सेवा सहकारी संस्थाओं को भेजा पत्र

31.60 करोड़ की मसूर-चना की खरीदी, 15.09 करोड़ भुगतान

जिले में अभी तक 2316 किसानों से 64529 क्विंटल मसूर और 356 किसानों से 8885 क्विंटल चना की खरीद हो चुकी है। 31.60 करोड़ कीमत की उपज खरीदी के एवज में किसानों को ईपीओ 21.62 करोड़ के जारी हो चुकी हैं। इसमें से 15.09 करोड़ रु. किसानों के खाते में पहुंचे हैं।

64529 क्विंटल में 10 % से ज्यादा अमानक मसूर

2316 किसानों से अभी तक 64529 क्विंटल मसूर की खरीदी जिले में हो चुकी है। इसमें से 10% से अधिक मात्रा अमानक है। अमानक मसूर की वजह से किसानों के भुगतान पर असर पड़ेगा। संस्थाओं को अपने खर्च पर अपग्रेड कराना होगा।

असर: किसानों का 4.72 करोड़ रु. का भुगतान रुकेगा

संस्थाओं द्वारा खरीदी मसूर की 6756 क्विंटल अमानक मात्रा का करीब 4.72 करोड़ रुपए भुगतान होना है। जब तक मसूर को अपग्रेड नहीं कराया जाएगा, किसानों का भुगतान अटका रहेगा। खरीदी गई मसूर की मात्रा किन किसानों की है, यह स्पष्ट नहीं है। इससे दूसरे किसान भी प्रभावित हो सकते हैं।

गोदाम में अमानक मसूल की बोरियां अलग रखवा दी हैं

6756 क्विंटल मसूर अमानक निकली है। गोदामों में अलग स्टेक लगाकर बोरियां रखवा दी हैं। अपग्रेड कराने के लिए संबंधित संस्थाओं को लेटर जारी किए हैं। जब तक अमानक मसूर अपग्रेड नहीं होगी, भुगतान रुका रहेगा। चना-मसूर की खरीद 28 मई तक जारी रहेगी। – शिशिर सिन्हा, डीएमओ, मार्कफेड जिला शिवपुरी



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