जिले के 12 बैंकों में 202 म्यूल खाते ट्रेस, 1 करोड़ से ज्यादा का ट्रांजेक्शन




जिले में संचालित भारतीय स्टेट सहित 12 बैंकों में 202 म्यूल अकाउंट (खाता) की पहचान हुई है। इनमें 12 अकाउंट का साइबर ठगी से सीधा कनेक्शन हैं। इन अकाउंट में एक करोड़ से ज्यादा का ट्रांजेक्शन हुआ है। जिसकी पुष्टि शनिवार को पुलिस विभाग, साइबर सेल ने किया हैं। वर्तमान में 140 खातों की जांच जारी हैं। इनमें से कई खातों का कनेक्शन साइबर ठगी से जुड़े होने की संभावना हैं। जांच के दौरान यह मालूम हुआ कि 50 खातों में गलती से पैसा ट्रांसफर हुआ था। इसका साइबर ठगों से कनेक्शन नहीं है। एएसपी मोनिका ठाकुर ने बताया कि जिले के विभिन्न बैंकों से जानकारी हासिल करने पर मालूम हुआ कि 150 से ज्यादा म्यूल अकाउंट है। इसमें एक करोड़ रुपए से ज्यादा का ट्रांजेक्शन हुआ है। फिलहाल जांच जारी है। पिछले साल 12 म्यूल अकाउंट के आधार पर 15 खाताधारकों को गिरफ्तार कर जेल भेजे थे। एक अकाउंट में एक करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ था। पुलिस के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से लोगों से ठगी करने वालों की मॉनिटरिंग की जा रही हैं। भारत सरकार गृह मंत्रालय से संचालित पोर्टल के माध्यम से बालोद थाना क्षेत्र के बैंक ऑफ महाराष्ट्र के 10 म्यूल अकाउंट की पहचान की गई। कुल 10 खाताधारकों के अकाउंट में देश के अलग-अलग राज्यों में हुए साइबर फ्राड का कुल 3 लाख 19 हजार 145 रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ है। इसके अलावा गुंडरदेही क्षेत्र के एक खाताधारक के एक अकाउंट में एक करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ है। साइबर फ्राड के पैसे एक से अधिक बार जमा हुए है। इंस्पेक्टर रोहित मालेकर ने बताया कि प्रदेश सहित देशभर मे वर्तमान में म्यूल अकाउंट चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि साइबर ठगी की वारदात में इसका उपयोग हो रहा हैं। झांसा देकर नेटवर्क में शामिल करते हैं साइबर ठग युवाओं को घर बैठे कमीशन मिलने का झांसा देकर कहते हैं कि अपना बैंक खाता किराए पर दो। झांसे में आकर संबंधित व्यक्ति अपना बैंक खाता, एटीएम, यूपीआई उपलब्ध करा देता है। ठगी से आया पैसा पहले इसी खाते में डाला जाता है। जिसके बाद पैसा तुरंत दूसरे खातों में ट्रांसफर या नकद निकाला जाता है, ताकि असली अपराधी तक पुलिस आसानी से न पहुंच सके। साइबर ठग बेरोजगार युवक, छात्र, ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अपने नेटवर्क में शामिल करते हैं। संदिग्ध ट्रांजेक्शन दिखे तो तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें। म्यूल अकाउंट की पहचान कर पुलिस और साइबर एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। कई खाताधारकों को मालूम नहीं होता कि उसका खाता साइबर अपराध में उपयोग हो रहा है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *