900 करोड़ के कोडीन कफ सिरप रैकेट का मामला:STF ने आलोक-अमित सिंह टाटा समेत 12 आरोपियों के खिलाफ लगाई 40 हजार पन्नों की चार्जशीट




लखनऊ में कोडीन कफ सिरप की अवैध तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने कोर्ट में 40 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। जांच में 900 करोड़ रुपए के काले कारोबार का खुलासा हुआ है, जबकि तीन मास्टरमाइंड अब भी विदेश में फरार हैं।
एनडीपीएस एक्ट के तहत लगाई गई चार सीट में आलोक प्रताप से अमित टाटा समेत पर आरोपियों के खिलाफ या चार सीट दाखिल की गई है। तीन आरोपी विदेश में है।

एक भी बोतल मेडिकल स्टोर तक नहीं पहुंची, सीधे अवैध बाजार में खपाई गई STF की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि पूरे रैकेट के दौरान सप्लाई की गई एक भी कोडीन कफ सिरप की बोतल मेडिकल स्टोर्स तक नहीं पहुंची। दवा के नाम पर तैयार किया गया पूरा स्टॉक सीधे नशे के अवैध बाजार में भेजा जाता था। इससे साफ है कि यह नेटवर्क पूरी तरह से योजनाबद्ध तरीके से संचालित हो रहा था, जिसमें वैध सप्लाई चैन का इस्तेमाल केवल आड़ के तौर पर किया गया।
आलोक सिंह और अमित टाटा के खिलाफ चार्जशीट, बाकी पहले ही नामजद इस मामले में STF ने आलोक सिंह और अमित टाटा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इससे पहले अन्य आरोपियों के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। जांच एजेंसी के अनुसार, पूरे नेटवर्क में कुल 12 मुख्य आरोपी चिन्हित किए गए थे, जिनकी भूमिकाएं अलग-अलग स्तर पर तय थीं।

तीन मास्टरमाइंड विदेश में फरार, इंटरनेशनल लिंक की जांच तेज मामले के तीन मुख्य मास्टरमाइंड शुभम, गौरव और वरुण अभी भी फरार हैं और उनके विदेश में छिपे होने की जानकारी सामने आई है। STF अब इनके खिलाफ लुकआउट नोटिस और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से कार्रवाई की तैयारी में है।

बिहार-बंगाल के रास्ते बांग्लादेश तक फैला था नेटवर्क जांच में यह भी सामने आया है कि तस्करी का रूट बेहद संगठित था। कफ सिरप की खेप पहले बिहार और पश्चिम बंगाल भेजी जाती थी, जहां से इसे आगे बांग्लादेश तक पहुंचाया जाता था। इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर मुनाफा कमाया जा रहा था।

900 करोड़ के काले कारोबार का जिक्र, और खुलासों की संभावना चार्जशीट में करीब 900 करोड़ रुपए के अवैध कारोबार का जिक्र किया गया है, जो इस रैकेट के बड़े पैमाने को दर्शाता है। STF का मानना है कि आगे की जांच में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है, जिससे इस नेटवर्क के और बड़े खुलासे होने की संभावना है।



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