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विदिशा जिले में 45 डिग्री के आसपास पहुंचे तापमान और भीषण गर्मी के बीच लोग राहत पाने के लिए जान जोखिम में डाल रहे हैं। रायसेन-सागर हाईवे निर्माण के दौरान खोदी गईं मुरम की गहरी खदानें इन दिनों ‘अस्थायी स्विमिंग स्पॉट’ बन गई हैं। यहां बड़ी संख्या में बच्चे और युवा बिना किसी सुरक्षा के नहाने पहुंच रहे हैं, जिससे हर समय एक बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। जिले में लगातार बढ़ते तापमान और तेज गर्म हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। ऐसे में गर्मी से निजात पाने के लिए लोग बायपास के आगे रायसेन रोड पर स्थित इन जलभराव वाली खदानों में पहुंच रहे हैं। इन खदानों में सुरक्षा का कोई भी इंतजाम नहीं है और लोग बेखौफ होकर गहरे पानी में छलांग लगा रहे हैं। गहराई का अंदाजा नहीं, फेंसिंग और प्रतिबंध की मांग
मुरम की इन खदानों की वास्तविक गहराई का किसी को सही अंदाजा नहीं है। गहराई अज्ञात होने और सुरक्षा उपकरणों के अभाव के चलते अचानक गहरे पानी में जाने से दुर्घटना की प्रबल आशंका है। इस खतरे को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असुरक्षित स्थानों पर नहाने पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही, खदानों के चारों ओर तार फेंसिंग कराने और चेतावनी बोर्ड लगाने की भी मांग की गई है। सागर की खदान में डूबने से 3 युवकों की जा चुकी है जान
गर्मी के मौसम में ऐसे असुरक्षित जलस्रोतों में डूबने के कई दर्दनाक मामले सामने आते रहते हैं। गौरतलब है कि पिछले ही महीने सागर जिले के बहेरिया थाना क्षेत्र (ग्राम गुड़ा) में एक क्रेशर की पानी भरी खदान में नहाते समय तीन युवकों की डूबने से मौत हो गई थी। यह घटना ऐसे खतरनाक स्थानों पर नहाने को लेकर एक बड़ा अलर्ट है, जिससे सबक लेने की आवश्यकता है।
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खदानें बनीं 'स्विमिंग स्पॉट', जान जोखिम में:विदिशा में भीषण गर्मी से बचने गहरे पानी में नहा रहे लोग; हादसे का डर














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