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खरगोन जिले में खंडवा-खरगोन-धुले पावर ट्रांसमिशन लाइन में तकनीकी खराबी के कारण किसानों की फसलें जलने का मामला सामने आया है। दुर्गापुर गांव में पावर इंटीग्रेटेड ट्रांसमिशन लाइन के खंभा नंबर 100 से रेडिएशन और बारिश की बूंदों के कारण फसलें खराब हो रही है
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चार साल से बनी हुई है समस्या
किसानों के अनुसार, यह समस्या पिछले चार सालों से बनी हुई है। इस साल मूंग, बैंगन, टमाटर और लौकी जैसी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। चीफ इंजीनियर भगवान अगवा ने मौके का निरीक्षण किया और ट्रांसमिशन लाइन में अर्थिंग व अन्य तकनीकी खराबियों की मौखिक जानकारी किसानों को दी। उन्होंने चार दिनों के भीतर लाइन में सुधार का आश्वासन भी दिया है।
हर साल दो एकड़ फसल हो रही खराब
किसान सुनील यादव ने बताया कि पिछले चार सालों से खंभे और लाइन के आसपास की लगभग दो एकड़ फसल हर साल जलकर खराब हो रही है। इस संबंध में लगातार शिकायतें करने के बावजूद शासन-प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
इस मामले से भारतीय किसान मजदूर महासंघ के निमाड़ प्रांत अध्यक्ष जगदीश यादव, पूर्व सरपंच माधव यादव, मध्य भारत प्रांत संगठन मंत्री गोपाल पाटीदार सहित अन्य प्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। महासंघ ने बिजली कंपनी के चीफ इंजीनियर से शिकायत की है।
8 लाख मुआवजे की मांग
गोपाल पाटीदार ने बताया कि किसान की चार एकड़ खेती में से दो एकड़ फसल हर साल जल रही है, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। महासंघ ने प्रभावित किसानों के लिए 8 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।
किसानों का कहना है कि इस समस्या के कारण वे अपनी जमीन पर ठीक से खेती नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा, ट्रांसमिशन लाइन में तकनीकी खराबी के चलते किसी बड़े हादसे का खतरा भी बना हुआ है।














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