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गुना जिला कोर्ट ने कानून हाथ में लेने और एक मजदूर के साथ मारपीट करने के मामले में पिता और दो बेटों को छह-छह महीने की जेल की सजा सुनाई है। हैरानी की बात यह है कि अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) एक्ट में सजा पाने वाले ये तीनों आरोपी पेशे से वकील हैं। इनमें से पिता और एक बेटा गुना जिला कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं, जबकि दूसरा बेटा ग्वालियर हाई कोर्ट में वकालत करता है। मामला साल 2020 का है, जब इन तीनों ने प्लॉट विवाद को लेकर एक मजदूर और उसकी पत्नी को लाठी-डंडों से पीटा था। कोर्ट ने तीनों पर 500-500 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। ‘तूने प्लॉट का काम रुकवाकर बहुत नाटक किया है…’
घटना 5 जनवरी 2020 की है। फरियादी रूपसिंह हर दिन की तरह सुबह 7:30 बजे अपने घर से मजदूरी करने के लिए जयस्तंभ चौराहे की ओर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में गजानंद प्रजापति और उनके दोनों बेटे मुकुल और दीपक मिल गए। गजानंद के हाथ में डंडा था, जबकि दोनों बेटों के हाथ में लाठियां थीं। रूपसिंह ने कैंट थाने में दर्ज कराई अपनी शिकायत में बताया था कि तीनों ने अचानक उसका रास्ता रोक लिया। वे उसे सरेराह गालियां देने लगे। गाली देते हुए उन्होंने कहा, “तूने प्लाट के काम को रोकने के बारे में बहुत नाटक किया है।” जब रूपसिंह ने उन्हें गाली देने से मना किया, तो तीनों बाप-बेटों ने मिलकर उस पर हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर दौड़ी पत्नी, उसे भी पीटा
बीच सड़क पर हो रही इस मारपीट और रूपसिंह की चीख-पुकार सुनकर उसकी पत्नी बीच-बचाव करने के लिए दौड़ी। लेकिन लाठी-डंडों से लैस तीनों आरोपियों ने उसे भी नहीं बख्शा और पत्नी के साथ भी जमकर मारपीट की। इस हमले में रूपसिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। शोर-शराबा सुनकर आस-पड़ोस के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और उन्होंने बामुश्किल पति-पत्नी की जान बचाई। कानून के जानकारों ने ही तोड़ा कानून, अब जाएंगे जेल
घटना के बाद घायल रूपसिंह ने कैंट थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और SC/ST एक्ट की सख्त धाराओं में केस दर्ज किया था। पुलिस की विवेचना के बाद मामला कोर्ट पहुंचा। सुनवाई के दौरान कोर्ट में यह साबित हुआ कि तीनों ने मिलकर रूपसिंह को न सिर्फ पीटा, बल्कि उसे जातिसूचक गालियां भी दीं। इस आधार पर कोर्ट ने तीनों को दोषी करार दिया। सजा पाने वाले तीनों वकीलों की प्रोफाइल कानून की रक्षा और न्याय दिलाने का पेशा चुनने वाले इन तीनों वकीलों को अब अपने ही किए गए अपराध के चलते छह महीने सलाखों के पीछे गुजारने होंगे।
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गुना में तीन वकीलों को 6 महीने की सजा:4 साल पहले मजदूर और उसकी पत्नी को डंडों से पीटा था, सरेराह दी थीं जातिसूचक गालियां














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