![]()
बालाघाट में रविवार को एक युवक विवेक तिरपुड़े के परिजनों और समर्थकों ने कैंडल मार्च निकाला। विवेक हाथ में मामूली चोट की सर्जरी के बाद पिछले 100 दिनों से कोमा में हैं। परिजनों ने सरदार पटेल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। यह घटना बालाघाट के सरदार पटेल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में हुई थी। विवेक को हाथ में मामूली चोट लगी थी, जिसके लिए सर्जरी की गई थी। परिजनों का आरोप है कि सर्जरी के बाद विवेक कोमा में चले गए। वर्तमान में वे नागपुर के एक अस्पताल के आईसीयू में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पहले बोले- ठीक है फिर कहा अटैक आया विवेक के भाई अमित तिरपुड़े ने बताया कि 100 दिन पहले डॉक्टरों ने 20 मिनट की सर्जरी के बाद विवेक के ठीक होने का दावा किया था। हालांकि, तीन घंटे बाद अस्पताल ने परिवार को सूचित किया कि विवेक को हार्ट अटैक आया था और उन्हें सीपीआर दिया गया। तब से विवेक कोमा में हैं और उन्हें गले में छेद के माध्यम से भोजन दिया जा रहा है। डॉक्टरों ने अब उनके ठीक होने के लिए तीन और महीने का समय दिया है। अमित तिरपुड़े ने पुलिस कार्रवाई पर विश्वास व्यक्त किया, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता। परिवार प्रशासन से मेडिकल लापरवाही के खिलाफ सख्त कदम उठाने और एक मिसाल कायम करने की मांग कर रहा है। रविवार शाम 6 बजे, विवेक के परिजनों और समर्थकों ने ‘जस्टिस फॉर विवेक तिरपुड़े’ बैनर और ‘मेडिकल लापरवाही का अगला शिकार कौन’ संदेश लिखी तख्तियों के साथ कैंडल मार्च निकाला। परिवार का कहना है कि विवेक की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और वे न्याय मिलने तक अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
Source link
सर्जरी के बाद 100 दिन से कोमा में युवक:परिजनों ने मेडिकल लापरवाही के खिलाफ निकाला कैंडल मार्च














Leave a Reply