काशी एक्सप्रेस में 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत:मुंबई से इलाज के बाद इलाहाबाद लौटते समय बिगड़ी तबीयत, हरदा में उतारा था




हरदा में रविवार शाम मुंबई से गोरखपुर जा रही काशी एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक 45 वर्षीय यात्री की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना खंडवा और हरदा स्टेशन के बीच की बताई जा रही है। सूचना मिलने पर जीआरपी, रेलवे अधिकारियों और डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है, जहां सोमवार सुबह पीएम किया जाएगा। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। स्टेशन मास्टर आर.के. खरे ने बताया कि कंट्रोल रूम से काशी एक्सप्रेस में एक यात्री की मौत की सूचना मिली थी। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के बड़ोखरा निवासी शंकर (45) पुत्र बालकरण आदिवासी के रूप में हुई है। वह अपनी पत्नी निर्मला और दो बेटों कृष्णा व सिद्धार्थ के साथ मुंबई के एक सरकारी अस्पताल से इलाज कराकर वापस घर लौट रहे थे। पत्नी निर्मला ने बताया कि खंडवा स्टेशन पार करने के बाद शंकर की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। हरदा पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। ट्रेन के हरदा स्टेशन पहुंचने पर उन्होंने इसकी सूचना गार्ड को दी। निर्मला के अनुसार, उनके तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा मुंबई में काम करता है। शंकर भी मुंबई में ड्राइवर का काम करते थे, लेकिन कुछ समय पहले अपनी मां के निधन के बाद वह गांव लौट आए थे। ट्रेन से गिरकर घायल युवक की इलाज के दौरान मौत
इधर, शनिवार रात ट्रेन से गिरकर घायल हुए गोरखपुर निवासी गुलमेर पिता लालसा की रविवार सुबह जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। उनके साथ पत्नी गुड़िया और दो छोटे बच्चे काजल व युवराज भी थे। परिजनों के समय पर नहीं पहुंचने और शव को घर ले जाने की व्यवस्था नहीं होने पर नगर पालिका, स्थानीय समाजसेवियों और नार्मदीय ब्राह्मण समाज युवा संगठन ने मदद की। संगठन के अध्यक्ष अक्षय नेगी, समाजसेवी पेमेंद्र साकल्ले, आलोक साकल्ले, धीरज घावरी सहित अन्य लोगों ने स्थानीय मुक्तिधाम में विधि-विधान से अंतिम संस्कार कराया। इसके बाद मृतक की पत्नी और बच्चों को भोजन-पानी उपलब्ध कराकर काशी एक्सप्रेस से गोरखपुर के लिए रवाना किया गया।



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