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ग्वालियर पुलिस ने रविवार रात बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के मोतीझील इलाके में चल रहे एक बड़े इंटरस्टेट ऑनलाइन गैंबलिंग व साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। यह शातिर गिरोह देश के विभिन्न राज्यों से ‘म्यूल अकाउंट्स’ (दूसरों के नाम पर खरीदे गए बैंक खाते) अरेंज करता था और उसमें ऑनलाइन सट्टे तथा साइबर ठगी की करोड़ों रुपए की रकम को ट्रांसफर (डिपॉजिट और विड्रॉल) कर ठिकाने लगाता था।
पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के ग्वालियर, मुरैना के कुल 10 आरोपियों को रंगेहाथ दबोचा है। इनके पास से लाखों रुपए के एटीएम कार्ड, स्कॉर्पियो, लैपटॉप, बैंक पासबुक, चेकबुक व डिटेल मिली है। इनका काम लोगों को पहले ऑनलाइन गैंबलिंग के जाल में फंसाकर छोटे इंवेस्टमेंट पर बड़ा फायदा दिलाना था। जब जीत की रकम लाखों में हो जाती तो यह फ्रॉड कर गायब हो जाते थे। फिलहाल पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है। लैपटॉप-मोबाइल से पैनल लेकर चला रहे थे सट्टे का साम्राज्य यह गिरोह बहोड़ापुर की शिवनगर कॉलोनी (मोतीझील) में एक मकान किराए पर लेकर पूरा सिंडिकेट ऑपरेट कर रहा था। आरोपी ऑनलाइन सट्टे, जुए और गेमिंग ऐप्स का बकायदा ‘पैनल’ लेकर बैठे थे। मोबाइल और लैपटॉप के जरिए ये लोग आम जनता और युवाओं को कम रुपए के बदले अधिक रुपए (क्रिकेट सट्टे में मोटा मुनाफा) देने का लालच देकर अवैध रूप से सट्टा संचालित कर रहे थे। जब कोई मोटी रकम जीत लेता था तो उसे पैसा न देते हुए उलझा देते थे और उस राशि को खरीदे गए म्यूल अकाउंट में ट्रांसफर कर ठिकाने लगा देते थे। म्यूल अकाउंट्स का ‘मायाजाल’ इस रैकेट की सबसे खास और खतरनाक बात यह थी कि ठगी और सट्टेबाजी का पैसा ये अपने खुद के बैंक खातों में नहीं मंगाते थे। इसके लिए उन्होंने गरीब और सीधे-साधे लोगों को चंद रुपयों का लालच देकर भारी संख्या में ‘म्यूल अकाउंट्स’ खरीद रखे थे। जैसे ही सट्टे या ठगी का पैसा इन खातों में आता, आरोपी एटीएम कार्ड्स के जरिए तुरंत रकम निकालकर उसे ब्लैक से व्हाइट मनी में तब्दील कर देते थे। पुलिस रेड में बरामद हुआ ‘साइबर हथियारों’ का जखीरा ग्वालियर पुलिस ने जब इनके ठिकाने पर अचानक दबिश दी, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और बैंकिंग सामग्री जब्त की गई है। आरोपियों के ठिकाने से 23 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 03 हाई-टेक लैपटॉप (मय चार्जर), 02 मोबाइल चार्जर। अलग-अलग बैंकों के 42 एटीएम (ATM) कार्ड, 08 चेकबुक, 13 पासबुक, 01 पेटीएम स्वाइप मशीन और 01 पेटीएम क्यूआर स्कैनर। एक चमचमाती सफेद रंग की बिना नंबर की स्कार्पियो गाड़ी एक गोदरेज कंपनी का स्प्लिट एसी (मय आउटडोर यूनिट), तीन पिट्ठू बैग और सट्टेबाजी से जुड़े अन्य दस्तावेज। यूपी, एमपी व बिहार के यह ठग पकड़े बैंकों और नेशनल साइबर पोर्टल से जुड़ेगी जांच ग्वालियर पुलिस अब जब्त किए गए 42 एटीएम कार्ड और 13 पासबुकों के अकाउंट नंबर्स को खंगाल रही है। इन खातों में पिछले कुछ महीनों में करोड़ों रुपये के संदेहास्पद ट्रांजैक्शन होने की आशंका है। पुलिस इन बैंक खातों को फ्रीज कराने के लिए संबंधित बैंकों को पत्र लिख रही है, साथ ही नेशनल साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की मदद से यह पता लगाया जा रहा है कि इन खातों का इस्तेमाल देश में और कहां-कहां ठगी के लिए किया गया है। क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया पुलिस के लिए यह बड़ी सफलता है। यह रैकेट लोगों को ऑनलाइन गैंबलिंग में फंसाकर रुपए ठगता था। फिलहाल गिरोह के पकड़े गए सदस्यों से पूछताछ की जा रही है।
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ग्वालियर पुलिस ने पकड़ा इंटरस्टेट ऑनलाइन गैंबलिंग कॉल सेंटर:एमपी-यूपी-बिहार के 10 ठग गिरफ्तार, ऑनलाइन गेम के जाल में फंसाकर 'म्यूल' अकाउंट में करते थे ट्रांसफर














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