DDU के शिवम को मिला 'यंग जूलॉजिस्ट अवॉर्ड':पानी में होने वाले प्रदूषण और घोंघों पर किया रिसर्च, सिक्किम में हुआ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन




दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। यहां के जूलॉजी डिपार्टमेंट के पीएचडी छात्र शिवम कुमार यादव को सिक्किम में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ‘यंग जूलॉजिस्ट अवॉर्ड’ से नवाजा गया है। यह सम्मान उन्हें पानी में होने वाले प्रदूषण और घोंघों (मोलस्क) पर किए गए उनके बेहतरीन रिसर्च के लिए दिया गया है। सिक्किम अल्पाइन यूनिवर्सिटी, नामची में ‘नेचर एंड नेचुरल साइंसेज’ विषय पर दो दिनों का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया था। इस प्रोग्राम में देश-विदेश के बड़े वैज्ञानिक और प्रोफेसर शामिल हुए थे। सम्मेलन के दौरान शिवम ने अपना रिसर्च पेपर पेश किया, जिसकी एक्सपर्ट्स ने सराहना की। प्रोफेसर विनय कुमार सिंह के अंडर कर रहे हैं रिसर्च
शिवम यादव फिलहाल डीडीयू के जूलॉजी डिपार्टमेंट के लैब में प्रोफेसर विनय कुमार सिंह की देखरेख में अपनी पीएचडी पूरी कर रहे हैं। उनका मुख्य काम जलीय जीवों की सुरक्षा और प्लास्टिक से होने वाले नुकसान को रोकना है। बता दें कि शिवम को इससे पहले भी ‘यंग रिसर्चर अवॉर्ड’ और कई बड़े पुरस्कार मिल चुके हैं। कुलपति ने दी बधाई
शिवम की इस कामयाबी पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यह पूरे यूनिवर्सिटी के लिए गर्व की बात है। शिवम जैसे मेहनती छात्रों की वजह से दूसरे विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। यूनिवर्सिटी के अन्य शिक्षकों और छात्रों ने भी शिवम को इस सफलता पर बधाई दी है। प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा को ‘कन्हैया सिंह शोध सम्मान’ दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी के रक्षा अध्ययन विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा को साल 2026 के प्रतिष्ठित ‘कन्हैया सिंह शोध सम्मान’ से नवाजा गया है। रविवार को देवरिया के प्रेस्टीज संस्थान में आयोजित एक शानदार कार्यक्रम में उन्हें यह सम्मान दिया गया। इनाम के तौर पर उन्हें मां सरस्वती की मूर्ति, प्रशस्ति पत्र और 26,000 रुपये की राशि भेंट की गई। बड़े अधिकारियों ने किया चुनाव
संस्थान के डायरेक्टर शिव नारायण सिंह ने बताया कि यह सम्मान पिछले 6 सालों से उन लोगों को दिया जा रहा है जिन्होंने पढ़ाई और समाज से जुड़े रिसर्च में बड़ा काम किया हो। इस साल विजेता चुनने वाले पैनल में आईएएस अधिकारी विजय प्रकाश श्रीवास्तव, अजय सैनी और अमर कुशवाहा शामिल थे। 36 साल का अनुभव और बड़ा नाम
प्रो. हर्ष सिन्हा को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 36 सालों का लंबा अनुभव है। उन्हें देश-विदेश में नेशनल सिक्योरिटी और दक्षिण एशियाई मामलों के एक्सपर्ट के तौर पर जाना जाता है। उनकी लिखी एक किताब को भारत सरकार का रक्षा मंत्रालय पहले ही पहला इनाम दे चुका है। वे कोलंबो की जानी-मानी संस्था आरसीएसएस के फेलो भी रहे हैं। पत्रकारिता और शिक्षा नीति में बड़ा रोल
प्रो. सिन्हा उत्तर प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू करने वाली कमेटी और यूजीसी की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी के मेंबर भी हैं। शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने करीब 30 सालों तक बीबीसी और इंडिया टुडे जैसे बड़े संस्थानों के लिए पत्रकारिता भी की है, जिसके लिए उन्हें पहले ‘द्वारका प्रसाद अग्रवाल राष्ट्रीय पत्रकारिता सम्मान’ मिल चुका है।



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