औरैया3 मिनट पहले
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फफूँद में चल रही कृषि प्रदर्शनी के दौरान एक अखिल भारतीय मुशायरे का आयोजन किया गया। इस मुशायरे में देश के जाने-माने शायरों ने अपनी ग़ज़लें और गीत प्रस्तुत किए, जिन्हें सुनकर श्रोता रात भर झूमते रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक प्रदीप यादव और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष इरशाद अहमद ने नगर पंचायत अध्यक्ष फफूँद अनवर कुरैशी के साथ मिलकर शमा रौशन कर किया। इसके बाद, चेयरमैन अनवर कुरैशी ने दोनों अतिथियों का माला और शॉल पहनाकर स्वागत किया।
मुशायरे की शुरुआत इलाहाबाद से आए अफ़ज़ल इलाहाबादी की नात से हुई। इसके बाद, फतेहपुर से आईं मोहतरमा गुले सबा फतेहपुरी ने क़ौमी तराना पढ़ा, जिस पर श्रोताओं ने जमकर तालियाँ बजाईं।

महाराष्ट्र से आए इमरान फैज़ ने अपनी ग़ज़लों से खूब वाहवाही बटोरी। संभल के नौशाद अनगढ़ ने अपनी हास्य कविताओं से श्रोताओं को खूब हँसाया। जिला पंचायत अध्यक्ष इरशाद कुरैशी के आग्रह पर फफूँद के राष्ट्रीय शायर अफ़ज़ल खान अफ़ज़ल ने भी अपनी ग़ज़ल पेश की, जिसे लोगों ने खूब सराहा।
चरखारी से आईं मोहतरमा शबाना सबा ने अपनी बेहतरीन शायरी से समां बांधा। अलीगढ़ के कलीम समर ने हास्य-व्यंग्य सुनाकर ठहाके लगवाए। हाशिम नौमानी ने अपनी संजीदा ग़ज़लों से माहौल को गंभीर बनाया, जबकि नैनीताल के मोहन मुंतज़िर ने नज़्म “हम चाहते ही नहीं कि मोहब्बत हो जाए” पढ़कर पूरे पंडाल में जोश भर दिया। अंत में, कानपुर के वरिष्ठ शायर जौहर कानपुरी ने अपनी शायरी से हर शेर पर दाद बटोरी।
मुशायरे का संचालन आसिम काकोरी ने किया, जबकि इसकी सदारत जौहर कानपुरी ने की। इस अवसर पर मुख्य अतिथियों के अलावा अछलदा के चेयरमैन, इक़बाल कुरैशी, आसिफ सिद्दीकी, ओम बाबू तिवारी, कृपा शंकर शुक्ला, तारिक़ सिद्दीकी, अज़हर सिद्दीकी, मो० शरिक़, असद खान, कलाम खान, अब्दुल सत्तार कुरैशी, मुस्तकीम नेता सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
















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