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मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर उपार्जन किया जाएगा। भारत सरकार की ‘प्राइस सपोर्ट स्कीम’ के तहत विपणन वर्ष 2026-27 (फसल वर्ष 2025-26) के लिए किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया 25 मई से शुरू हो गई है, जो 15 जून 2026 तक चलेगी। कृषि विभाग ने इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी कर दिए हैं। खरीदी केंद्रों पर अपनी उपज बेचने से पहले किसानों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ (चेहरे का सत्यापन) को अनिवार्य किया गया है। यह सत्यापन आधार आधारित पीओएस (POS) मशीन या मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा, ताकि सही किसान को योजना का लाभ मिल सके। किसान की गैरमौजूदगी में प्रतिनिधि बेच सकेंगे उपज
यदि कोई किसान स्वयं खरीदी केंद्र पर उपस्थित होने में असमर्थ है, तो वह पंजीयन के समय अपने अधिकतम तीन अधिकृत व्यक्तियों के नाम और आधार विवरण दर्ज करा सकता है। ये प्रतिनिधि किसान की ओर से उपज बेच सकेंगे। सीधे बैंक खाते में आएगा पैसा, बने 23 पंजीयन केंद्र
उपज बेचने के बाद फसल का भुगतान सीधे पंजीकृत किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए जिला उपार्जन समिति द्वारा ई-उपार्जन पोर्टल पर कुल 23 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना निर्धारित समय-सीमा में अपनी फसल का पंजीयन अवश्य करा लें।
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MSP पर होगी मूंग और उड़द की खरीदी:मध्य प्रदेश में 25 मई से 15 जून तक पंजीयन; फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य















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