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दमोह के बेलाताल तालाब पर सोमवार सुबह गंगा दशमी के अवसर पर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत श्रमदान किया गया। इस दौरान पशुपालन राज्यमंत्री लखन पटेल, विधायक जयंत कुमार मलैया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे और कलेक्टर प्रताप नारायण यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर राज्यमंत्री लखन पटेल ने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गंगा दशहरा के मौके पर पूरे प्रदेश में यह आयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश की जल संरचनाओं को संरक्षित करना और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना है। बावड़ियों के संरक्षण से जल स्रोत होंगे पुनर्जीवित उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान पिछले साल डेढ़ महीने तक चला था, लेकिन इस साल इसे तीन महीने के लिए विस्तारित किया गया है। यह अभियान पूरे प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर चलाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य प्राचीन बावड़ियों और कुओं जैसे जल स्रोतों को फिर से सक्रिय करना है। मंत्री पटेल ने जिले में मौजूद कई ऐसी संरचनाओं का जिक्र किया, जैसे किशनगंज में तीन-चार बावड़ियां और पटेरा में एक प्राचीन बावड़ी। उन्होंने बताया कि पटेरा की बावड़ी में कचरा भरा हुआ मिला था और उन्होंने उसकी सफाई में सहयोग की बात कही थी। इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य अपने आसपास की जल संरचनाओं को सहेजकर और संरक्षित करके लोगों को उनका लाभ दिलाना है। देखिए तस्वीरें… जल संरचनाएं सुरक्षित रहेंगी तो भविष्य खुशहाल बनेगा कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि गंगा दशहरा का पर्व प्रकृति के प्रति प्रेम और कर्तव्य के भाव को याद दिलाता है। हम अपनी जल संरचना को सुरक्षित रखेंगे तभी हमारी पीढ़ी खुशहाल रह पाएगी। विधायक जयंत मलैया ने कहा की सरकार का पूरा प्रयास है कि हमारे जो प्राचीन जल स्रोत है उनको संरक्षित किया जाए। ताकि आने वाले समय में लोगों को इन संरचनाओं का लाभ मिल सके। कहीं कोई पानी की समस्या ना रहे यही इस जल गंगा संवर्धन अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
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मंत्री बोले-जल स्रोत बचेंगे तभी भविष्य सुरक्षित:बेलाताल तालाब पर मंत्री-विधायक ने किया श्रमदान; 3 महीने चलेगा जल गंगा संवर्धन अभियान















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