Gwalior High Court Asks Petitioner Pay Rs 1.53 Lakh for Plant Care



ग्वालियर हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पर्यावरण संरक्षण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने अतिक्रमण के खिलाफ याचिका दायर करने वाले व्यक्ति को पहले 25 पौधे लगाने का आदेश दिया था।

.

अब नगर निगम ने रिपोर्ट पेश कर बताया है कि इन पौधों को लगाने और पांच साल तक उनकी देखभाल करने में 1,53,765 रुपए का खर्च आएगा। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा है कि क्या वह यह खर्च उठाने को तैयार है। इस पर याचिकाकर्ता को एक सप्ताह के भीतर कोर्ट में जवाब देना होगा।

याचिकाकर्ता चंद्रेश त्यागी ने पुरानी छावनी क्षेत्र में साडा रोड पर करीब 8 बीघा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर जनहित याचिका दायर की है। आरोप है कि बिल्डरों ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर बिना अनुमति टाउनशिप विकसित कर ली है। कॉलोनी में बरसाती पानी की निकासी का इंतजाम नहीं है और यह रेलवे लाइन के 30 मीटर के दायरे (प्रतिबंधित क्षेत्र) में बनाई जा रही है।

सिर्फ पौधा लगाना काफी नहीं, 5 साल का जिम्मा भी जरूरी जस्टिस जीएस अहलूवालिया एवं जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की युगल पीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता को 25 पौधे लगाने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल पौधा रोप देना पर्याप्त नहीं है, उनका जीवित रहना अनिवार्य है।

इसके लिए कोर्ट ने नगर निगम से मेंटेनेंस का एस्टीमेट मांगा था। निगम ने बताया कि 25 पौधों के रोपण और अगले 5 सालों तक उनकी सुरक्षा व पानी-खाद के रख रखाव पर कुल 1.53 लाख रुपए से अधिक का खर्च आएगा। कोर्ट के अनुसार, यह राशि याचिकाकर्ता को नगर निगम में जमा करनी होगी और निगम इन पौधों की देखभाल करेगा।

अगली सुनवाई ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद होगी याचिकाकर्ता के अधिवक्ता जितेंद्र सिंह कुशवाह के माध्यम से कोर्ट ने निर्देश दिया है कि एक सप्ताह के भीतर अपनी वित्तीय स्थिति और खर्च वहन करने की सहमति स्पष्ट करें। यदि याचिकाकर्ता तैयार होता है, तो ही मामले को आगे सुना जाएगा। कोर्ट ने प्रकरण को ग्रीष्मकालीन अवकाश के तुरंत बाद सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।

कोर्ट का निर्देश

याचिकाकर्ता एक सप्ताह में स्पष्ट करें कि क्या वे नगर निगम द्वारा बताए गए खर्च को वहन करने के लिए तैयार हैं। पौधों की सुरक्षा और उनका रखरखाव सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *