भोपाल में प्रगति पेट्रोल पंप पर नापतौल विभाग का छापा:5 लीटर में कम निकला पेट्रोल; जांच समिति बनेगी, कार्रवाई तय




भोपाल में भारत पेट्रोलियम से संचालित प्रगति पेट्रोल पंप पर नापतौल विभाग की टीम ने सोमवार को छापामार कार्रवाई की है। जांच के दौरान पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति तय मानक से कम पाई गई। विभागीय जांच में 5 लीटर पर 25 से 30 एमएल तक कम पेट्रोल-डीजल मिलने के बाद अब मामले में कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। सीआईए अभियान के तहत हुई जांच नापतौल विभाग की टीम ने सीआईए अभियान के तहत प्रगति पेट्रोल पंप पर निरीक्षण किया। टीम ने पंप पर लगी सभी डिस्पेंसिंग मशीनों और नोजल की बारीकी से जांच की। विभाग के सत्यापित पांच लीटर मापदंड से पेट्रोल और डीजल की मात्रा की जांच की गई। जांच में 25 से 30 एमएल तक कमी मिली निरीक्षण के दौरान तीन नोजल में प्रति पांच लीटर पर 25 से 30 एमएल तक पेट्रोल-डीजल कम प्रदाय करते हुए पाया गया। विभागीय नियमों के मुताबिक यदि 5 लीटर में 25 एमएल से अधिक की कमी पाई जाती है तो संबंधित पेट्रोल पंप के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। जांच समिति बनाकर होगी कार्रवाई नापतौल विभाग के डिप्टी कंट्रोलर नसीम खान ने बताया कि प्राथमिक जांच में अनियमितता सामने आई है। अब पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए समिति बनाई जाएगी, जिसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रबंधन ने टिप्पणी करने से किया इनकार कार्रवाई के दौरान पेट्रोल पंप प्रबंधन से पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन प्रबंधन ने इस मामले पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। अधिकारी ने क्या कहा नसीम खान ने बताया, विभाग सीआईए अभियान के तहत नियमित निरीक्षण करता है। इसके लिए एक सरकारी पोर्टल के माध्यम से निरीक्षण संबंधी प्रक्रिया संचालित होती है। जांच में जहां भी निर्धारित सीमा से अधिक कमी पाई जाती है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। 30 एमएल की ‘छोटी’ कमी महीने में लाखों की कमाई ऐसे समझिए कि मात्र 30 एमएल से महीने के लाखों कैसे कमाते हैं। अगर किसी व्यस्त पेट्रोल पंप पर रोज 7 से 8 हजार लीटर पेट्रोल की बिक्री होती है और हर 5 लीटर पर 30 एमएल कम पेट्रोल दिया जा रहा हो, तो यह कमी महीनेभर में बड़े मुनाफे में बदल सकती है।



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