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प्रयागराज में भीषण गर्मी और बढ़ते बिजली लोड के बीच बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। इसी बीच राज्य विद्युत जूनियर इंजीनियर्स संगठन, प्रयागराज ने कहा है कि फील्ड स्तर पर सीमित संसाधन और स्टाफ की कमी निर्बाध बिजली आपूर्ति के शासन के आदेश के अनुपालन में बाधक बन रही है।
संगठन ने कई तकनीकी समस्याओं और संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाते हुए सरकार और विभाग से व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। लगातार बढ़ रहा बिजली लोड
गर्मी बढ़ने के साथ शहर और ग्रामीण इलाकों में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। कई क्षेत्रों में ओवरलोडिंग, ट्रांसफॉर्मर फॉल्ट, तार टूटने और बार-बार बिजली बाधित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं को घंटों बिजली कटौती और लो-वोल्टेज जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
सीमित स्टाफ में संभालनी पड़ रही व्यवस्था
जूनियर इंजीनियर्स संगठन के क्षेत्रीय सचिव जीतेंद्र मौर्य, जनपद अध्यक्ष शिवब्रत सिंह का कहना है कि कई स्थानों पर पर्याप्त तकनीकी स्टाफ और स्किल्ड लाइनमैन उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते एक-एक अवर अभियंता को कई उपकेंद्रों और फीडरों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है।
ओल्ड खुसरूबाग उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता मोहित कुमार को तीन महीने से अतिरिक्त रूप से न्यू खुसरूबाग उपकेंद्र का दायित्व भी संभालना पड़ रहा है। दोनों क्षेत्रों में कुल मिलाकर हजारों उपभोक्ता और 18 फीडर संचालित हैं।
एक साथ कई फॉल्ट आने पर बढ़ती है दिक्कत
पदाधिकारियों ने बताया, सीमित मैनपावर के कारण एक साथ कई फीडरों में ब्रेकडाउन या तकनीकी खराबी आने पर बिजली बहाल करने में समय लग जाता है। इससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ जाती है।
गंगापार-यमुनापार में ओवरलोडिंग की समस्या
यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों, खासकर गंगापार और यमुनापार में कई फीडर ओवरलोड की स्थिति में चल रहे हैं। “मुंगारी” रूरल फीडर पर क्षमता से अधिक लोड चलने के कारण तार टूटने और बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या सामने आ रही है।
ट्रांसफॉर्मर ऑयल और संसाधनों की कमी
संगठन ने आरोप लगाया कि कई क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मर ऑयल और जरूरी तकनीकी सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इससे ट्रांसफॉर्मर खराब होने और सप्लाई बाधित होने की घटनाएं बढ़ रही हैं।
नोटिस-कटौती पर भी जताई नाराजगी
संगठन ने यह भी कहा कि कई मामलों में फील्ड समस्याओं के समाधान की बजाय अवर अभियंताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और ट्रांसफॉर्मर जलने पर आर्थिक कटौती की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
तकनीकी सर्वे और संसाधन बढ़ाने की मांग
जूनियर इंजीनियर्स संगठन ने मांग की है कि ग्रामीण विद्युत नेटवर्क का तकनीकी सर्वे कराया जाए, ओवरलोडेड फीडरों की क्षमता बढ़ाई जाए और पर्याप्त तकनीकी स्टाफ व स्किल्ड लाइनमैन की तैनाती की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सके। इस मामले में चीफ इंजीनयर प्रयागराज क्षेत्र एक से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
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एक JE पर दो उपकेंद्रों का जिम्मा:जूनियर इंजीनियरों ने कहा, निर्बाध बिजली आपूर्ति में बाधक बन रहे सीमित संसाधन















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