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मेरठ के विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यूपीनेडा मेरठ के परियोजना प्रभारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 11,250 घरों में सोलर रूफटॉप लगाने का लक्ष्य है, जिसके तहत प्रतिमाह न्यूनतम 938 घरों में सोलर सिस्टम स्थापित किए जाने हैं। योजना के तहत अब तक 17,165 व्यक्तियों ने आवेदन किया है, जिनमें से 9,819 घरों में सोलर रूफटॉप स्थापित किए जा चुके हैं। भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा प्रति घर 1,08,000 रुपये की दर से कुल 1 अरब 6 करोड़ 45 लाख रुपये का अनुदान जारी किया गया है। यह योजना मार्च 2027 तक संचालित रहेगी। जिलाधिकारी ने विभिन्न बैंकों में लंबित ऋण आवेदनों पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने निर्देश दिए कि पीएम सूर्य घर योजना की मासिक समीक्षा बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में और साप्ताहिक बैठकें मुख्य विकास अधिकारी मेरठ तथा एलडीएम मेरठ की अध्यक्षता में सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, सहयोग न करने वाले बैंकों के विरुद्ध एस.एल.बी.सी. (राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति) को सूचित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में, वेंडर शगुन सोनकर ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक द्वारा मार्जिन मनी के साथ ऋण राशि जारी नहीं की जा रही है। इस पर उपस्थित ए.एल.डी.एम. (सहायक लीड जिला प्रबंधक) ने संज्ञान लेते हुए संबंधित बैंक को मार्जिन मनी के साथ ऋण राशि जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि ऋण जारी होने के बाद उपभोक्ता का बचत खाता संबंधित बैंक शाखा के साथ अवश्य साझा किया जाए। वेंडर वैष्णवी एंटरप्राइजेज ने विद्युत विभाग द्वारा इंडेंट जारी होने के बावजूद नेट मीटरिंग में देरी का मुद्दा उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देश दिया कि वे नियमानुसार निर्धारित सात कार्य दिवसों के भीतर नेट मीटरिंग की कार्यवाही पूरी करें। उन्होंने वैष्णवी एंटरप्राइजेज द्वारा प्रस्तुत चार इंडेंट के संबंध में कार्रवाई पूरी कर, परीक्षण के बाद अगले तीन दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया।
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पीएम सूर्य घर योजना: लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश:जिलाधिकारी ने विकास भवन में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की















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