![]()
एनसीआर के कॉलेजों और हॉस्टल में पढ़ने वाले छात्रों को टारगेट कर ऑनलाइन ड्रग्स सप्लाई करने वाले बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने गैंग के सरगना गौरव खन्ना को ग्रेटर नोएडा के परी चौक से गिरफ्तार किया है। आरोपी डार्क वेब, सोशल मीडिया और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए इम्पोर्टेड ड्रग्स मंगाकर छात्रों तक पहुंचाता था। पैकिंग से लगता पैनड्राइव
एसटीएफ जांच में सामने आया कि आरोपी वाट्सऐप और टेलीग्राम पर कम्यूनिटी ग्रुप बनाकर ग्राहकों से संपर्क करता था। ऑनलाइन ऑर्डर मिलने के बाद Rapido, Uber, Ola और Porter जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए ड्रग्स की डिलीवरी कराई जाती थी। पुलिस के मुताबिक पैकेट की पैकिंग इतनी अलग तरीके से की जाती थी कि वह पेन ड्राइव या इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसा दिखाई दे। क्रिप्टो करेंसी में करता भुगतान
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह डार्क वेब के जरिए अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफियाओं से जुड़ा हुआ था। क्रिप्टोकरेंसी से भुगतान कर फर्जी पते पर पार्सल मंगाए जाते थे और बाद में कुरियर कर्मचारियों से मिलीभगत कर पैकेट हासिल किए जाते थे। एसटीएफ के अनुसार गौरव खन्ना का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। वह पहले हत्या, मारपीट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसे मामलों में जेल जा चुका है। 2019 से उसने इम्पोर्टेड गांजा, चरस और अन्य मादक पदार्थों का ऑनलाइन कारोबार शुरू किया था। इस दर से बेचता था गांजा
जांच में पता चला है कि आरोपी OG गांजा 1400 रुपए प्रति ग्राम, हैश 4500 रुपए प्रति 10 ग्राम, बाबा कुश 5500 रुपए प्रति ग्राम और LSD करीब 4400 रुपए प्रति ग्राम तक बेचता था। इससे पहले इसी गैंग के सदस्य करन राजीव को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से चरस, इम्पोर्टेड गांजा, THC ऑयल, अल्प्राजोलम पाउडर, बैंक दस्तावेज, डेबिट-क्रेडिट कार्ड और हथियार बरामद हुए थे। उसी मामले में गौरव खन्ना फरार चल रहा था। 17 बैंक खातों की मिली जानकारी
एसटीएफ को जांच में 17 बैंक खातों और दो प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों की जानकारी मिली है, जिनका इस्तेमाल ड्रग्स कारोबार में किया जा रहा था। फिलहाल एजेंसियां आरोपी के पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं।
Source link
नोएडा में डार्क वेब से मंगाता था ड्रग्स:कॉलेज स्टूडेंट्स तक होती थी होम डिलीवरी; STF ने गैंग के सरगना गिरफ्तार















Leave a Reply