![]()
शहर में रेलवे स्टेशन री-डेवलपमेंट का काम कछुआ गति से चल रहा है। आठ महीने बाद भी स्टेशन का काम पार्सल ऑफिस के पास खोदे गए गड्ढों व छिटपुट निर्माण में उलझकर रह गया है। अब तक स्टेशन बिल्डिंग हैंडओवर नहीं की गई है। ऐसे में सवाल है कि सिंहस्थ तक काम कैसे
.
412 करोड़ के इस प्रोजेक्ट की शुरुआत में दावा किया था कि स्टेशन का काम एयरपोर्ट की तर्ज पर व भविष्य के 50 साल की सुविधाओं को देखते हुए किया जाएगा। इनमें मल्टीलेवल पार्किंग, वेटिंग एरिया, हाईटेक प्लेटफॉर्म और अन्य सुविधाएं रहेंगी।
उधर, कॉन्ट्रैक्टर कंपनी का कहना है स्टेशन बिल्डिंग हैंडओवर होने के बाद ही काम में तेजी आएगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है बिल्डिंग की शिफ्टिंग की तैयारी अंतिम चरण में है। अगले एक महीने में प्लेटफॉर्म-1 से शिफ्टिंग हो जाएगी। इसके बाद डिस्मेंटल और आगे के काम के लिए यह हिस्सा दे दिया जाएगा।
- 412 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है काम
- 2028 में शुरू होना है सिंहस्थ
यह काम हो चुके
- पार्सल ऑफिस की शिफ्टिंग।
- टू-व्हीलर पार्किंग सामने बना दिया है।
- कुली रूम रीलोकेट कर दिया है।
- आरपीएफ थाना, हेड टीसी ऑफिस प्लेटफॉर्म-4 पर शिफ्ट कर दिया।
- डिप्टी एसएस कमर्शियल का ऑफिस प्लेटफॉर्म-4 पर शिफ्ट कर दिया।
अगले माह तक ये काम होना हैं
- जीआरपी थाने के सामने बनाया टिकट विंडो : प्लेटफॉर्म-1 टूटेगा, ऐसे में अभी टिकट विंडो जीआरपी थाने के सामने बनाया गया है। इसका काम पूरा हो गया है।
- जीआरपी थाना: जीआरपी थाना वर्तमान में बने अस्थायी पार्सल ऑफिस के पास शिफ्ट होगा।
- इंक्वायरी काउंटर: यह प्लेटफॉर्म-4 पर शिफ्ट होगा।
- पीआरओ ऑफिस: रिजर्वेशन ऑफिस के पास शिफ्ट होगा।
- आईआरसीटीसी ऑफिस: रिजर्वेशन ऑफिस के पास शिफ्ट होगा।
- डिप्टी एसएस ऑफिस: प्लेटफॉर्म 4 पर शिफ्ट होगा।
आवाजाही प्रभावित हो रही अभी प्लेटफॉर्म-1 पर स्टेशन परिसर में प्रवेश करते ही पार्सल ऑफिस के पास वाले हिस्से में काम होते दिखाई दे रहा है। यहां कॉन्ट्रैक्टर कंपनी ने बेसमेंट के लिए गड्ढा किया है। हालांकि कंपनी का कहना है कि यहां काफी गहरी खुदाई थी, इसलिए समय लगा।
काम में तेजी की जरूरत रेलवे एक्सपर्ट नागेश नामजोशी के अनुसार सिंहस्थ नजदीक है। इसे देखते हुए ज्यादा से ज्यादा यात्री सुविधाएं जुटा सकें, इसलिए रेलवे स्टेशन के री-डेवलपमेंट का जल्द काम शुरू हुआ था। हालांकि करीब आठ महीने में बहुत सीमित जगह में काम हुआ है। अब तेजी की जरूरत है।














Leave a Reply