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श्री पीतांबरा पीठ प्रबंधन ने 19 मई को मंदिर परिसर में हुई अभद्रता और हंगामे के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पीठ प्रबंधन ने मंदिर विरोधी गतिविधियों में शामिल सात लोगों को पीठ की सभी गतिविधियों से पूरी तरह अलग कर दिया है। इस संबंध में व्यवस्थापक महेश दुबे ने आदेश जारी किए हैं। आदेश की प्रतियां मंदिर परिसर में सूचना के रूप में चस्पा कर दी गई हैं। घटना 19 मई की शाम की बताई जा रही है, जब कुछ लोगों ने मंदिर कार्यालय का घेराव कर हंगामा किया था। प्रबंधन के अनुसार इन लोगों ने पीठ की परंपराओं के विरुद्ध आचरण किया और परिसर की शांति भंग की। आरोप है कि इस दौरान व्यवस्थापक महेश दुबे और पीठ के वरिष्ठ आचार्य विष्णुकांत मुड़िया की पत्नी के साथ अभद्रता भी की गई। कोतवाली थाने में दिया एफआईआर आवेदन मामले की गंभीरता को देखते हुए पीठ प्रबंधन ने रविवार को कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया था। इसके बाद सोमवार को निष्कासन की कार्रवाई की गई। पीठ प्रबंधन ने अजयशंकर चतुर्वेदी, मनोज चतुर्वेदी, रामबाबू पाठक, प्रशांत पांडेय, अमन चतुर्वेदी, महेश पांडेय और खेमेंद्र शर्मा को पीठ की गतिविधियों से अलग किया है। मंदिर प्रशासन ने इस कार्रवाई की लिखित सूचना कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और पीतांबरा पीठ की पर्यटन पुलिस चौकी को भी भेज दी है।
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पीतांबरा पीठ में अभद्रता करने वाले 7 लोग निष्कासित:मंदिर कार्यालय के घेराव और हंगामे के छह दिन बाद प्रबंधन की कार्रवाई














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