पेयजल योजनाओं पर करोड़ों खर्च, ग्रामीण क्षेत्रों में जलसंकट:मंडला के खुड़िया-मछरिया में भारी किल्लत; जनसुनवाई में महिलाओं ने PHE विभाग को घेरा




मंडला जिले में पेयजल योजनाओं पर हजारों करोड़ रुपए खर्च होने के दावों के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट बना हुआ है। मंगलवार को आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में विभिन्न गांवों से पहुंची महिलाओं ने अधिकारियों के समक्ष अपनी व्यथा सुनाई। ग्रामीणों का आरोप है कि नल-जल योजनाएं ठप होने के कारण उन्हें मीलों दूर से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। कम जल स्तर और खराब पाइपलाइन से बढ़ी परेशानी जनसुनवाई में ग्राम खुड़िया की महिलाओं ने बताया कि गांव में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद है। मछरिया गांव की महिलाओं ने शिकायत की कि पूरा गांव एक ही कुएं पर निर्भर है, जहां इंसान और जानवर साथ पानी पीते हैं। वहीं, मोहगांव ब्लॉक के सुड़गांव में नल-जल योजना के माध्यम से पानी नहीं पहुंचने के कारण महिलाओं को कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। सड़क निर्माण के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई वहीं पेयजल संकट पर पीएचई विभाग के ईई मनोज भास्कर ने बताया कि खुड़िया गांव में सड़क निर्माण के चलते पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसे जल्द सुधरवाया जाएगा। मछरिया गांव के संबंध में उन्होंने बताया कि पंचायत की मोटर खराब होने से समस्या आई है, जिसे समन्वय कर ठीक कराया जा रहा है। विभाग के अनुसार, तकनीकी कमियों के कारण कुछ क्षेत्रों में अस्थायी बाधा उत्पन्न हुई है। मजरों-टोलों में अब भी अभाव करोड़ों रुपए के खर्च के बावजूद पेयजल संकट के सवाल पर पीएचई विभाग के ईई ने दावा किया कि इन्हीं योजनाओं की बदौलत जिले के 80 प्रतिशत हिस्से में पानी पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ मजरे और टोले अभी भी योजना से वंचित हैं, जहां जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि खराब प्रणालियों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाएगा।



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