Durg Police Nabs Interstate Gang Leader After 300km Chase; Delhi Census Duty


दुर्ग-भिलाई5 घंटे पहले

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चोर को पकड़कर पुलिस दुर्ग ले आई है, जहां पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - Dainik Bhaskar

चोर को पकड़कर पुलिस दुर्ग ले आई है, जहां पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ की दुर्ग पुलिस ने इंटर-स्टेट चोर गैंग को पकड़ने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए। दिल्ली जाकर कभी बकरी बेचने वाले बने, तो कभी जनगणना अधिकारी के रूप में जानकारी जुटाई। इस दौरान पुलिस ने करीब 12 बकरियों को भी बेचा।

आखिरकार पता लगने पर 300 किलोमीटर तक पीछा कर पुलिस मास्टरमाइंड तक पहुंची। 24 मई को पुलिस ने उत्तरप्रदेश के ईटावा से आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी नासिर उर्फ आनस खान 4 राज्यों में करोड़ों की चोरी को अंजाम दे चुका है।

देखिए पहले ये तस्वीरें…

दुर्ग पुलिस के 2 जवानों ने दिल्ली के शाहीन बाग में बकरा बेचा।

दुर्ग पुलिस के 2 जवानों ने दिल्ली के शाहीन बाग में बकरा बेचा।

दुर्ग पुलिस के जवान दिल्ली में जनगणना अधिकारी बनकर आरोपी का पता लगा रहे थे।

दुर्ग पुलिस के जवान दिल्ली में जनगणना अधिकारी बनकर आरोपी का पता लगा रहे थे।

आरोपी नासिर हुसैन, जिसे पकड़ने पुलिस दिल्ली यूपी तक गई।

आरोपी नासिर हुसैन, जिसे पकड़ने पुलिस दिल्ली यूपी तक गई।

जानिए पूरा मामला

दरअसल, दुर्ग पुलिस को मई के पहले सप्ताह में नेहरू नगर, सुपेला, पद्मनाभपुर और दुर्ग शहर में लगातार चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान पुलिस ने पहले मेरठ निवासी हाशिम खान को गिरफ्तार किया।

उसके पास से चोरी का सोना खरीदने वाले ज्वेलरी कारोबारी सलीम खान को भी पकड़ा गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों से करीब 60 लाख रुपए का सोना बरामद किया था। पूछताछ में मास्टरमाइंड नासिर हुसैन का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई।

15 दिन पहले टीम दिल्ली के शाहीन बाग, मदनपुर खादर और नोएडा इलाके में पहुंची, लेकिन आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था। इलाके की संकरी गलियों और बड़ी संख्या में ऊंची बिल्डिंग होने के कारण पुलिस के लिए सीधे कार्रवाई करना आसान नहीं था।

चोरों की रेकी के लिए पुलिस ने बेचे 12 बकरे

टीम के कुछ पुलिसकर्मी स्थानीय लोगों के बीच घुलने-मिलने के लिए बकरा बेचने वाले बन गए। पुलिसकर्मी कई दिनों तक बकरा बेचने वालों के साथ इलाके में घूमते रहे और संदिग्ध लोगों पर नजर रखते रहे।

इस दौरान पुलिस टीम ने 12 बकरे भी बेचे। पुलिस के मुताबिक, दिल्ली में एक बकरे की कीमत 30 से 35 हजार रुपए तक थी। हालांकि इतनी मशक्कत के बाद भी आरोपी का कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका।

आरोपियों के पास से मिले डायमंड ब्रेसलेट, सोने के गहने, चांदी के सिक्के।

आरोपियों के पास से मिले डायमंड ब्रेसलेट, सोने के गहने, चांदी के सिक्के।

जनगणना अधिकारी बनकर घर-घर पहुंची पुलिस

इसके बाद पुलिस ने दूसरी प्लानिंग की। टीम ने आरोपी के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने की कोशिश की, लेकिन पूरी जानकारी नहीं मिल सकी। ऐसे में पुलिसकर्मी जनगणना अधिकारी बनकर घर-घर पहुंचे और लोगों से बातचीत कर आरोपी के आने-जाने, ठहरने की जानकारी इकट्ठा की।

करीब एक हफ्ते तक यह पूरा ऑपरेशन बेहद सीक्रेट तरीके से चलाया गया। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि नासिर हुसैन चोरी के गहने बेचकर खरीदी गई कार से बिहार के दरभंगा भागने की तैयारी में है। सूचना मिलते ही दुर्ग पुलिस टीम एक्टिव हो गई और यमुना एक्सप्रेस-वे पर आरोपी का पीछा शुरू कर दिया।

300 किलोमीटर तक पुलिस ने किया पीछा

क्राइम ब्रांच डीएसपी युदमणि सिदार के मुताबिक, आरोपी करीब 150 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कार चला रहा था। इसके बावजूद पुलिस टीम लगातार उसका पीछा करती रही। करीब 300 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद ईटावा के पास घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने कई बड़ी चोरियों में शामिल होना स्वीकार किया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर करीब 20 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। इसमें डायमंड ब्रेसलेट, सोने-चांदी के गहने, चांदी के सिक्के, नगदी, नए कपड़े और किया सेल्टोस कार शामिल है।

आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर दुर्ग लाया गया है, यहां उससे आगे पूछताछ जारी है।

आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर दुर्ग लाया गया है, यहां उससे आगे पूछताछ जारी है।

चोरी का सामान बेचकर खरीदी थी कार

पुलिस ने आरोपी के पास से 1.22 लाख रुपए कैश, करीब 7 लाख रुपए का डायमंड ब्रेसलेट, 7.5 ग्राम सोना, चांदी के सिक्के और करीब 8 लाख रुपए कीमत की किया सेल्टोस कार जब्त की है।

डीएसपी के मुताबिक, आरोपी चोरी के पैसों से लग्जरी जिंदगी जी रहा था और लगातार शहर बदलकर पुलिस से बचता फिर रहा था। गिरफ्तार आरोपी नासिर हुसैन मूल रूप से बिहार के दरभंगा का रहने वाला है, लेकिन वह दिल्ली के शाहीन बाग और मदनपुर खादर इलाके में भी रह चुका है।

शातिर आरोपी दूसरे के आईडी के जरिए होटलों में ठहरता था, जिसके कारण पकड़ने में मुश्किलें हो रही थी। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर दुर्ग लाया गया है, यहां उससे आगे पूछताछ जारी है।

इस मिशन में ये पुलिस जवान शामिल थे

  1. अलाउद्दीन शेख
  2. अजय गहलोत

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