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राजगढ़ जिले के माचलपुर में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बदहाली मंगलवार को राजनीतिक मुद्दा बन गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टरों की कमी और मरीजों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ रैली निकाली और अस्पताल पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। इसके बाद नायब तहसीलदार कपिल शर्मा को कलेक्टर के नाम 4 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि माचलपुर अस्पताल पिछले करीब 10 महीनों से स्थायी डॉक्टर के बिना संचालित हो रहा है। महिला डॉक्टर नहीं होने से महिला मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा है। फिलहाल अलग-अलग डॉक्टरों की साप्ताहिक ड्यूटी लगाकर व्यवस्था संभाली जा रही है, लेकिन इससे मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा। नेताओं ने कहा कि क्षेत्र के 100 से अधिक गांवों के लोग इसी अस्पताल पर निर्भर हैं, लेकिन यहां की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार कमजोर होती जा रही हैं। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। नेताओं का कहना था कि मरीजों को पर्याप्त दवाइयां नहीं मिल रही हैं। अस्पताल परिसर में सार्वजनिक मूत्रालय तक नहीं है। भीषण गर्मी के बावजूद मरीजों और उनके परिजनों के लिए ठंडे पानी, पंखे और कूलर जैसी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार की स्वास्थ्य योजनाएं सिर्फ कागजों में चल रही हैं, जबकि जमीनी स्तर पर मरीज परेशान हो रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो पार्टी उग्र आंदोलन करेगी। धरना-प्रदर्शन के साथ चक्का जाम तक किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन में रखी गई ये प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। अस्पताल परिसर में कुछ देर तक विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी का माहौल बना रहा।
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माचलपुर अस्पताल में डॉक्टरों की कमी पर कांग्रेस का प्रदर्शन:10 महीने से स्थायी डॉक्टर नहीं, 100 गांवों की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल होने का आरोप
















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