किसान नेता टिकैत ने मोदी की अपील का किया समर्थन:पेट्रोल-डीजल बचत, कम सोना, जैविक खेती पर बोले- देश के साथ खड़ा होना देशभक्ति




मुज़फ्फरनगर में किसान नेता राकेश टिकैत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का समर्थन किया है। प्रधानमंत्री ने पेट्रोल-डीजल बचाने, सोने में कम निवेश करने और किसानों से जैविक खेती अपनाने का आग्रह किया था। टिकैत ने कहा कि “मुसीबत के समय देश के साथ खड़े रहना ही देशभक्ति है” और हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। टिकैत ने ईंधन बचत पर जोर देते हुए कहा कि मौजूदा हालात में इस पर गंभीरता से काम करना होगा। उन्होंने अपील की कि “हम सबको पेट्रोल और डीजल की जितनी हो सके उतनी बचत करनी चाहिए।” हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब तक मंत्री और बड़े अधिकारी सार्वजनिक परिवहन का उपयोग नहीं करेंगे, तब तक आम जनता पूरी तरह से इस दिशा में आगे नहीं आएगी। उन्होंने नेपाल का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां वाहनों की सख्ती से चेकिंग होती है, जिससे अनावश्यक वाहन चलाने पर रोक लगती है। टिकैत ने सुझाव दिया कि भारत में भी ऐसी निगरानी से लगभग 30 प्रतिशत अनावश्यक यातायात कम हो सकता है, जिससे ईंधन की बड़ी बचत संभव होगी। सोने में निवेश कम करने की प्रधानमंत्री की अपील पर भी टिकैत ने सहमति जताई। उन्होंने कहा कि खाप पंचायतें भी लंबे समय से कम खर्च में शादियां करने और सोने के उपयोग को सीमित रखने की बात करती रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि शादी में सीमित मात्रा में ही सोना देने का नियम बनना चाहिए, जिससे अनावश्यक खर्चों पर अंकुश लगेगा। जैविक खेती के मुद्दे पर टिकैत ने कहा कि वह लंबे समय से इसकी वकालत कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि उर्वरक सब्सिडी सीधे किसानों के खाते में दी जाए। टिकैत के अनुसार, “जिसके पास जितनी जमीन है, उसे उसी हिसाब से सब्सिडी मिलनी चाहिए।” टिकैत ने यह भी कहा कि देश में जैविक उत्पादों के लिए एक अलग बाजार विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि बड़े शहरों के मॉलों में किसानों को सस्ती दरों पर दुकानें उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे सीधे अपने उत्पाद बेच सकें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जैविक उत्पादों की गुणवत्ता जांच और निगरानी की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने सरकार से कृषि अनुसंधान पर खर्च बढ़ाने और वैज्ञानिकों को बेहतर संसाधन देने की मांग करते हुए कहा कि कम पेस्टिसाइड और कम लागत वाली खेती के लिए नई तकनीक विकसित करना जरूरी है।
टिकैत ने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री की अपील में कई बातें सही हैं, लेकिन इन्हें जमीन पर उतारने के लिए ठोस नीतियां और सिस्टम में बदलाव जरूरी है।



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