विवादित बयान पड़ा भारी! रेणू भाटिया की गई कुर्सी, ‘बेटी को अनजान व्यक्ति के साथ छोड़ने’ वाली टिप्पणी पर कार्रवाई

कुरुक्षेत्र.

एलएनजेपी अस्पताल में जुड़े नाबालिग से दुष्कर्म मामले में रविवार को निरीक्षण के दौरान नर्सिंग स्टाफ पर की गई विवादित टिप्पणी और नर्सिंग स्टाफ की एकजुटता भरे प्रदर्शन ने हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया के साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल पर विराम लगा दिया। उन्हें मंगलवार रात को इस्तीफा देना पड़ा।

बताया जा रहा है कि इन्हें पद से हटाना था, इसलिए मौका देखकर इस्तीफा ले लिया गया। चेयरपर्सन का कार्यकाल तीन साल का था, लेकिन वह साढ़े 4 साल तक इस पद पर रही। हरियाणा राज्य महिला आयोग अधिनियम 2012 के मौजूदा प्रविधान के अंतर्गत रेनू भाटिया का राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन के तौर पर कार्यकाल नियमानुसार पिछले वर्ष जनवरी, 2025 में ही पूरा हो चुका था। उन्होंने 19 जनवरी 2022 को चेयरपर्सन के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। हरियाणा राज्य महिला आयोग अधिनियम, 2012 की धारा 4(1) में स्पष्ट प्रविधान है कि आयोग की चेयरपर्सन, वाइस-चेयरपर्सन और सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष से अधिक नहीं हो सकता। इस आधार पर उनका कार्यकाल 18 जनवरी 2025 को पूरा हो गया था।

26 नवंबर 2024 को महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी एक पत्र के माध्यम से रेणु भाटिया का कार्यकाल अगले आदेश तक बढ़ाया गया था, किंतु किसी विभागीय पत्र द्वारा कानून में निर्धारित अधिकतम कार्यकाल की सीमा को पार नहीं किया जा सकता। रेणू भाटिया की ओर से नर्सिंग आफिसर्स पर रविवार को की गई टिप्पणी से देशभर के नर्सिंग आफिसर्स विरोध में उतर आए थे। कुरुक्षेत्र अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने सोमवार को दो घंटे हड़ताल कर नारेबाजी की थी। हरियाणा नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मंगलवार को 10 से 12 बजे तक पेन डाउन स्ट्राइक की।

रेणू भाटिया का राजनीतिक सफर

  • वर्ष 2000 में फरीदाबाद में भाजपा टिकट पर पार्षद चुनाव जीती और डिप्टी मेयर भी बनीं।
  • 2010 में पार्षद चुनाव में हार झेलनी पड़ी।
  • हरियाणा भाजपा में प्रदेश प्रवक्ता के पद पर रही।
  • वर्ष 2017 में मनोहर लाल सरकार में महिला आयोग की सदस्य बनीं।
  • मनोहर सरकार ने 19 जनवरी 2022 को महिला आयोग की चेयरपर्सन बनाया।

यूं चला घटनाक्रम

  • 29 मई को नाबालिग से दुष्कर्म हुआ।
  • 31 मई को आरोपित डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज हुआ।
  • 1 जून को डॉक्टर की गिरफ्तारी हुई।
  • 6 जून को राज्य महिला आयोग ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया।
  • 7 जून को राज्य महिला आयोग अध्यक्ष रेनू भाटिया ने अस्पताल का दौरा किया।
  • 8 जून को कुरुक्षेत्र में नर्सों ने मोर्चा खोला और प्रदर्शन किया।
  • 9 जून को सुबह प्रदेश भर में नर्सिंग ऑफसर्स की 2 घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक।
  • 9 जून रात को रेणू भाटिया का इस्तीफा।

यह की थी टिप्पणी
चेयरपर्सन रेणू भाटिया ने रविवार को निरीक्षण के दौरान खड़ी एक स्टाफ से पूछा था कि क्या आपकी बेटी है। उन्होंने हां कहा तो चेयरपर्सन बोलीं कि उसे किसी अनजान व्यक्ति के साथ अकेला छोड़ सकती है क्या?

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