हरियाणा के 198 खिलाड़ियों को 20.59 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि, सीएम सैनी ने किया सम्मानित

पंचकूला
 मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं है, बल्कि ऐसी सशक्त खेल संस्कृति का निर्माण करना है, जहां प्रतिभा को अवसर मिले. परिश्रम को सम्मान मिले और प्रत्येक युवा को अपने सपनों को साकार करने का भरोसा हो. उन्होंने कहा कि "सरकार केवल पुरस्कार प्रदान नहीं कर रही, बल्कि विकसित भारत के लिए खेल शक्ति की मजबूत नींव तैयार कर रही है." मुख्यमंत्री ने खेल क्षेत्र के लिए यह सभी बातें उस समय कही, जब वह सेक्टर 1 के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, पंचकूला के ऑडिटोरियम में राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों के सम्मान में आयोजित नकद पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे. इस अवसर पर खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम भी उपस्थित रहे.

20.59 करोड़ की इनाम राशि से सम्मान
मुख्यमंत्री ने राज्य के अंर्तराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले व प्रतिभागिता करने वाले 198 खिलाड़ियों को 20.59 करोड़ रुपये की नकद इनाम राशि देकर सम्मानित किया. इसमें विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं के 117 खिलाड़ियों को 13.75 करोड़ रुपये, पैरा एशियन खेल 2022 के 3 खिलाड़ियों को 2.32 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय स्तर के 78 खिलाड़ियों को 4.52 करोड़ रुपये की ईनाम राशि शामिल है. उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 12 वर्षों में प्रदेश के 16 हजार 984 खिलाड़ियों को 709 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी गई है. वर्तमान राशि जोड़कर यह लगभग 730 करोड़ रुपये है. मुख्यमंत्री ने सम्मानित खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि "पदक जीतने का क्षण भले ही कुछ मिनटों का होता है लेकिन उस क्षण तक पहुंचने की यात्रा वर्षों की तपस्या से होकर गुजरती है."

हरियाणा में खेल संस्कृति मजबूत करने पर जोर
चुनौतियां विजेता बनने की निशानी: मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश की मिट्टी ने ऐसे खिलाड़ी पैदा किए हैं, जिन्होंने पूरी दुनिया को सिखाया कि हालात चाहे कितने भी कठिन हों, यदि इरादे बुलंद हों तो इतिहास बदला जा सकता है. उन्होंने फलाईंग सिख, मिल्खा सिंह, मुरलीकांत पेटकर और मैरी काॅम का उदाहरण देते हुए कहा कि "इन तीनों की जीवन-यात्रा एक ही बात सिखाती है कि चुनौतियां हर किसी के जीवन में आती हैं लेकिन विजेता वही बनता है जो चुनौतियों के सामने झुकता नहीं लड़ता है." सीएम ने कहा कि "उन्हें गर्व है कि हरियाणा ने हमेशा देश को ऐसे खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने भारत का सिर दुनिया के सामने ऊंचा किया है. देश की आबादी में हरियाणा का हिस्सा भले ही लगभग दो प्रतिशत हो लेकिन भारत के लिए जीते गए पदकों में हरियाणा का योगदान एक-तिहाई से भी अधिक है. पेरिस ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स हों या कॉमनवेल्थ गेम्स, हर मंच पर हरियाणा के खिलाड़ियों ने भारत का गौरव बढ़ाया है. उन्होंने उपस्थित खिलाड़ियों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप वर्ष 2028, 2032 और 2036 के ओलंपिक खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ी वही होंगे.

एआई से खिलाड़ियों की फिटनेस
मुख्यमंत्री ने कहा कि "वर्तमान में दुनिया एआई के युग में प्रवेश कर रही है, जिससे खेल भी इससे अछूता नहीं है. आज एआई खिलाड़ियों की फिटनेस का विश्लेषण कर रही है, चोट की संभावना का पहले से अनुमान लगा रही है, विपक्षी टीम की रणनीति समझने में मदद कर रही है और प्रशिक्षण को अधिक वैज्ञानिक बना रही है." उन्होंने कहा कि एआई गति माप सकती है, हृदय गति बता सकती है, तकनीक का विश्लेषण कर सकती है लेकिन जुनून और देशभक्ति को नहीं समझ सकती. एआई कभी उस भावना को नहीं बता सकती, जो तिरंगा कंधों पर लेकर विजय मंच पर खड़े खिलाड़ी की आंखों में दिखाई देती है. मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि "तकनीक का उपयोग अवश्य करें लेकिन भीतर के इंसान को जीवित रखें, क्योंकि भविष्य उन्हीं का होगा, जो तकनीक और मानवीय मूल्यों, दोनों को साथ लेकर चलेंगे."

260 खिलाड़ियों को नौकरियां और खेल ग्रेडेशन
प्रदेश में खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से उठाए गए विभिन्न महत्वपूर्ण कदमों बारे मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी भर्ती नियमों के तहत 260 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं. हाल ही में खेल ग्रेडेशन नीति में संशोधन किया है, जिससे अब हरियाणा स्टेट गेम्स के खिलाड़ियों को भी खेल ग्रेडेशन का लाभ मिलेगा. इसके अलावा अवार्ड विजेता खिलाड़ियों के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी की है, जिसके तहत खेलरत्न, द्रोणाचार्य, अर्जुन, ध्यानचंद और तेनजिंग नोर्गे विजेताओं को प्रतिमाह 20 हजार रुपये, और भीम अवॉर्ड विजेताओं को प्रतिमाह 5 हजार रुपये का मानदेय मिल रहा है.

2 हजार खेल नर्सरी और मासिक मानदेय
मुख्यमंत्री ने कहा कि "हर चैंपियन की शुरुआत गांव की मिट्टी और स्कूल के मैदान से होती है. इसके मद्देनजर प्रदेश सरकार ने 2 हजार खेल नर्सरियां खोली हैं, जिनमें 8 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को 1500 से 2 हजार रुपये मासिक छात्रवृत्ति दी है, और 25 आवासीय खेल अकादमियों में 500 रुपये प्रतिदिन डाइट मनी दी जा रही है. खेल बुनियादी ढांचे पर 12 वर्षों में 1100 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और खेल विभाग का बजट 2013-14 के 163 करोड़ रुपये से बढ़कर आज 668 करोड़ 42 लाख रुपये है." उन्होंने कहा कि "पंचकूला के ताऊ देवीलाल खेल परिसर में 10 करोड़ रुपये की लागत से उत्तर भारत का पहला ए-स्टार वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र भी स्थापित किया गया है."

'हरियाणा खेलों के हब के रूप में उभरा ह
इस अवसर पर खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि "मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा खेलों के हब के रूप में उभरा है. बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, ताकि खिलाड़ी कड़ी मेहनत कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश-प्रदेश का नाम रोशन कर सकें.

मिशन 2036 का लक्ष्य
खेल मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मिशन-2036 शुरू किया गया है, जिसके तहत हरियाणा ने 36 पदक जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके मद्देनजर खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं. लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से खेल स्टेडियमों के बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को सुदृढ़ किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आज हरियाणा की खेल नीति की पूरे देश में सराहना हो रही है. हरियाणा की खेल नीति और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत के परिणामस्वरूप प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश-प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं.

 

 

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