हरारे
जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले ही टी20I में 18 गेंदों पर अर्धशतक जड़कर सुर्खियां बटोरने वाले वैभव सूर्यवंशी को लेकर भारतीय टीम के कार्यवाहक गेंदबाजी कोच सुनील जोशी ने बड़ा खुलासा किया है. जोशी ने कहा कि फिलहाल वैभव की बल्लेबाजी पर ही पूरा ध्यान दिया जाएगा, जबकि उनकी गेंदबाजी को बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट नियंण बोर्ड) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में धीरे-धीरे निखारा जाएगा।
सुनील जोशी ने साफ कर दिया है कि टीम इंडिया 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के साथ कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती. हरारे में दूसरे टी20I से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जोशी ने कहा कि वैभव ने जिस तरह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शुरुआत की है, उससे फिलहाल उनकी बल्लेबाजी पर ही पूरा फोकस रहना चाहिए।
सुनील जोशी ने कहा, 'सबसे पहले हमें उसकी बल्लेबाजी पर ध्यान देना चाहिए. उसने शानदार प्रदर्शन किया है और मुझे खुशी है कि उसने अपनी प्रतिभा दिखाई. हरारे उसके लिए हमेशा अच्छा मैदान रहा है. उसने यहां अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में भी अच्छा खेला था और पहले टी20I में भी बेहतरीन बल्लेबाजी की।
अर्धशतक जड़कर रचा था इतिहास
वैभव ने पहले टी20I में सिर्फ 18 गेंदों पर अर्धशतक जड़ा. इसी के साथ ही वो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने वाले बल्लेबाज बन गए. उनकी तूफानी पारी की बदौलत भारत ने 126 रनों का लक्ष्य महज 13.2 ओवरों में हासिल कर लिया।
सुनील जोशी ने कहा, 'वैभव अपनी बल्लेबाजी को लेकर काफी सहज है. जब भी समय मिलेगा, मैं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में उसकी गेंदबाजी पर भी काम करूंगा.' यानी भारतीय टीम मैनेजमेंट फिलहाल वैभव पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालना चाहता. पहले उनकी बल्लेबाजी को और मजबूत बनाया जाएगा, फिर धीरे-धीरे गेंदबाजी पर भी काम होगा।
सुनील जोशी ने युवा ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे की तुलना हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे से किए जाने पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा, 'हमें किसी खिलाड़ी की तुलना दूसरे से नहीं करनी चाहिए. हार्दिक ने अपनी पहचान खुद बनाई है. शिवम ने भी अपनी जगह बनाई है. सूर्यांश अभी भारतीय टीम में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं. वह एक उभरती हुई प्रतिभा हैं और हमें उन पर भरोसा बनाए रखना होगा।
अभिषेक-तिलक भी गेंदबाजी करेंगे!
सुनील जोशी ने बताया कि टीम इंडिया के पास कई ऐसे बल्लेबाज हैं जो जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी भी कर सकते हैं. उन्होंने कहा, 'अभिषेक शर्मा ने अपनी गेंदबाजी में काफी सुधार किया है. हम चाहते हैं कि वह लगातार बेहतर होते रहें. तिलक वर्मा भी हमारे लिए एक उपयोगी गेंदबाजी विकल्प हैं. हम उनसे डॉट गेंदें डालने और बेसिक्स पर फोकस करने की बात करते रहते हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टी20I में महंगे साबित हुए रवि बिश्नोई ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20I में शानदार वापसी की और चार ओवर में सिर्फ 24 रन देकर एक विकेट लिया. सुनील जोशी ने बताया कि बिश्नोई की सफलता के पीछे उनकी गेंदबाजी एक्शन नहीं, बल्कि रन-अप में किया गया छोटा बदलाव है।
उन्होंने कहा, 'बिश्नोई ने अपने एक्शन में कोई बदलाव नहीं किया है. उन्होंने सिर्फ अपने रन-अप को थोड़ा री-अलाइन किया है. हमने इस पर साईराज बहुतुले से भी चर्चा की थी. अब वह रिटर्न क्री के ज्यादा करीब नहीं जा रहे हैं, जिससे उन्हें काफी फायदा मिला है।















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