चंडीगढ़
पंजाब में एक बार फिर मौसम सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताते हुए 7 जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 6 अगस्त को होशियारपुर, नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर), फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला, एसएएस नगर (मोहाली) और पठानकोट में भारी बारिश की आशंका व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, रूपनगर और मोहाली के अधिकांश इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है, जबकि अन्य अलर्ट वाले जिलों में कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, पंजाब के बाकी हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है, हालांकि वहां किसी विशेष अलर्ट की घोषणा नहीं की गई है।
इन 7 जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने बताया कि पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) में कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
इन जिलों में भी बारिश के आसार
येलो अलर्ट के तहत गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, लुधियाना, बरनाला, मानसा और संगरूर में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब और बठिंडा में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
कुछ स्थानों पर बारिश की संभवना
मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार, उत्तर भारत से होकर मानसून ट्रफ गुजर रही है। वहीं वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इसके अलावा यूपी और हरियाणा के ऊपर कम दबाव (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) का क्षेत्र बना हुआ है।
इन मौसम प्रणालियों के कारण पंजाब और चंडीगढ़ में नमी बढ़ गई है। इसी वजह से अगले 24 घंटों के दौरान दोनों क्षेत्रों के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
बिजली की मांग 14,603 मेगावाट दर्ज
गर्मी और उमस बढ़ने के साथ राज्य में बिजली की खपत भी बढ़ गई है। बिजली की मांग 14,603 मेगावाट दर्ज की गई। इसमें से 4,683 मेगावाट बिजली का उत्पादन राज्य ने स्वयं किया, जबकि शेष बिजली केंद्रीय ग्रिड से प्राप्त की गई। राज्य को केंद्र से 9,921 मेगावाट बिजली मिली, जो उसके निर्धारित 10,418 मेगावाट हिस्से से 497 मेगावाट कम रही।
डैम के खतरे के निशान से नीचे
भाखड़ा डैम का जलस्तर 1,607.17 फीट है, जो खतरे के निशान 1,680 फीट से 72.83 फीट नीचे है। डैम में 46,663 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। 23,269 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पोंग डैम का जलस्तर 1,343.6 फीट है, जो खतरे के निशान 1,390 फीट से 46.4 फीट नीचे है। डैम में 23,380 क्यूसेक पानी आ रहा है। 13,715 क्यूसेक छोड़ा जा रहा है।
हिमाचल से सटे जिलों में बारिश के बने आसार
वीरवार (6 अगस्त): मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को पूरे प्रदेश में कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पठानकोट में भी कई स्थानों पर वर्षा की संभावना है।
अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, बरनाला और संगरूर में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। वहीं फाजिल्का, फिरोजपुर, मुक्तसर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा और मानसा में केवल एक-दो स्थानों पर बूंदाबांदी के आसार हैं।
शुक्रवार (7 अगस्त): शुक्रवार से मानसून और कमजोर पड़ जाएगा। अमृतसर, गुरदासपुर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, मानसा, पटियाला, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली और फतेहगढ़ साहिब में केवल छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।
इसके विपरीत तरनतारन, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा, मुक्तसर और फाजिल्का में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने का अनुमान है।
शनिवार (8 अगस्त): शनिवार को केवल गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।
मालवा के अधिकांश जिले, जिनमें फाजिल्का, मुक्तसर, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा, मानसा, संगरूर और तरनतारन शामिल हैं, पूरी तरह शुष्क रहेंगे।
रविवार (9 अगस्त): रविवार को मानसून का प्रभाव और कम हो जाएगा। गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में ही कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। बाकी अधिकांश जिलों में मौसम साफ और शुष्क रहेगा।
बुधवार को कैसा रहा मौसम
बुधवार को प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 2.1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बावजूद तापमान सामान्य के आसपास बना रहा। सबसे अधिक तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस बठिंडा में रिकॉर्ड किया गया।
बरनाला में सबसे अधिक बारिश, कई जिलों में हुई बूंदाबांदी
5 अगस्त को पंजाब में सबसे अधिक 12 मिमी बारिश बरनाला में रिकॉर्ड की गई। अमृतसर में 6 मिमी, गुरदासपुर में 2 मिमी तथा फतेहगढ़ साहिब और लुधियाना में 1.5-1.5 मिमी वर्षा दर्ज हुई। पठानकोट में केवल ट्रेस यानी बेहद हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई। इन आंकड़ों से साफ है कि बारिश पूरे राज्य में समान रूप से नहीं हुई, लेकिन कई जिलों में मानसूनी गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। ऐसे में अगले 24 घंटे किसानों, यात्रियों और शहरी क्षेत्रों के लिए अहम रहने वाले हैं।
क्यों सक्रिय हुआ मानसून, मौसम विभाग ने बताई वजह
मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार उत्तर भारत से होकर मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश और हरियाणा के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) भी बना हुआ है। इन्हीं मौसम प्रणालियों के कारण पंजाब और चंडीगढ़ में नमी बढ़ी है। विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।













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