अंबाला.
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआइआर) का एक पड़ाव पूरा होने के बाद अब अगले चरण की तैयारी है। यदि बीएलओ आपके घर पर नोटिस लेकर आता है तो घबराये नहीं। यह कोई कानूनी प्रक्रिया के लिए नहीं है, जबकि इस लिए है कि साल 2002 के डाटा के बाद जो अब एसआइआर में नाम, जन्मतिथि, पता आदि दिया गया है, वह समान नहीं है।
बस इसी को लेकर कोई एक ऐसा कागजात देना होगा जिससे यह करेक्शन हो जाए और वोटर कार्ड में नाम, पता, जन्मतिथि, पति अथवा पिता का नाम सही से लिखा जा सके। फिलहाल इसी को लेकर प्रशासन ने निर्देश दिए गए हैं कि स्कूलों में तैनात सभी बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) व सुपरवाइजरों को कार्यमुक्त किया जाए। यानी स्कूलों में यह सभी अब कार्य नहीं करेंगे, जबकि अब उन वोटरों को नोटिस थमाएंगे, जिनके डाटा में अंतर है। इसके तहत जिला के सभी 968 बीएलओ फील्ड में उतरकर नोटिस थमाने के लिए तैयार हैं। बताया जारहा है कि पांच अगस्त से यह सभी फील्ड में उतर जाएंगे। दरअयल साल 2002 के डाटा और अब उपलब्ध कराए गए डाटा में यदि कोई अंतर है तो उनको नोटिस दिए जाएंगे।
यह है स्थिति
अंबाला में वोटरों की कुल संख्या 8 लाख 89 हजार 328 है। यह सभी वोटर जिला के 968 बूथ में बंटे हैं। दूसरी ओर इन वोटरों में से 7 लाख 35 हजार 992 वोटरों के एन्यूमरेशन फार्म इकट्ठे कर इनको डिजिटाइज कर दिया गया था। कुल वोटरों में से एक लाख 53 हजार 336 वोटरों के फार्म कलेक्ट नहीं हो पाए थे। इन में कई मिसिंग थे या फिर इनके पते ही नहीं मिले।
30 अगस्त तक दिए जाएंगे नोटिस
एसआइआर के अगले चरण के तहत अब पांच अगस्त से नोटिस देने का काम शुरू किया जाएगा। इसके तहत यह नोटिस 30 अगस्त तक बांटे जाएंगे। इसी को लेकर अब एसडीएम की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी (अंबाला शहर, अंबाला छावनी, नारायणगढ़, साहा, शहजादपुर, बराड़ा), सीडीपीओ व अन्य विभागों को लेटर जारी किया गया है। इसके तहत निर्देश दिए गए हैं कि एसआइआर 2026 के तहत बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर नोटिस तामील कराया जाना है। ऐसे में बीएलओ व चुनाव सुपरवाइजरों को कार्यमुक्त रखा जाए।
डाटा में अंतर तो यह दे सकते हैं कागजात –
यदि डाटा में किसी तरह से कोई अंतर है तो इसके लिए बारह कागजात तय किए हैं, जिसके आधार पर यह खामी दूर की जा सकती है।
- किसी भी तरह का पहचान पत्र/पेंशन पेमेंट आर्डर जो नियमित अथवा पेंशनर को केंद्र सरकार, राज्य सरकार अथवा पीएसयू द्वारा जारी किया गया हो
- किसी भी तरह का पहचान पत्र, प्रमाणपत्र, कागजात जो भारत सरकार, स्थानीय अधिकारी, बैंक, पोस्ट आफिस, एलआइसी, पीएसयू द्वारा एक सितंबर 1987 से पहले का जारी किया गया हो
- अधिकृत अधिकारी द्वारा जारी किया गया जन्म प्रमाणपत्र
- पासपोर्ट
- दसवीं अथवा अन्य शैक्षणिक प्रमाणपत्र जो मान्यता प्राप्त बोर्ड अथवा विश्वविद्यालय द्वारा जारी किया गया हो
- स्थानीय आवास प्रमाणपत्र जो किसी राज्य के अधिकृत अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो
- फोरेस्ट राइट सर्टिफिकेट
- ओबीसी/एससी/एसटी या अन्य जाति प्रमाणपत्र जो अधिकृत अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो
- नेशनल रजिस्टर आफ सिटीजन (जहां पर यह उपलब्ध है)
- फैमिली रजिस्टर, जिसे सरकारी अधिकारी द्वारा रखा गया
- सरकार द्वारा जारी किया गया लैंड/हाउस अलाटमेंट सर्टिफिकेट
- आधार कार्ड, नौ सितंबर 2025, को आयोग द्वारा जारी लेटर के आधार पर हो















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