सांसद अजेंद्र सिंह लोधी हाउस अरेस्ट:संसदीय क्षेत्र जाने से रोका, प्रशासन पर लगाया 'सत्ता के दबाव में काम' करने का आरोप




महोबा में हमीरपुर-तिंदवारी लोकसभा क्षेत्र के सांसद अजेंद्र सिंह लोधी को पुलिस प्रशासन ने उनके आवास पर नजरबंद कर दिया है। प्रधानमंत्री पर कथित अभद्र टिप्पणी के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद, खुफिया रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उन्हें हमीरपुर में आयोजित एक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में जाने से रोक दिया गया है। घटना महोबा जनपद के कुलपहाड़ तहसील अंतर्गत कनकुआ गांव में हुई, जहां स्थानीय प्रशासन और भारी पुलिस बल ने सांसद अजेंद्र सिंह लोधी को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया। उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और उनके कहीं भी आने-जाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। पीएम पर की थी अभद्र टिप्पणी
पूरा मामला बीते 11 मई का है, जब कलेक्ट्रेट परिसर में आम जनता की समस्याओं और स्मार्ट मीटर के विरोध में एक प्रदर्शन चल रहा था। आरोप है कि इसी प्रदर्शन के दौरान सांसद अजेंद्र सिंह लोधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अभद्र टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था। सांसद ने कहा- एआई से एडिट किया गया बयान
हालांकि, सांसद ने अपने बयान के वीडियो से एआई द्वारा छेड़छाड़ कर एडिट करने की बात कही थी। वीडियो वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने तीखा आक्रोश जताते हुए प्रदर्शन किया और सांसद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सांसद अजेंद्र सिंह लोधी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था।
LIU की रिपोर्ट पर हाउस अरेस्ट किया
इस कानूनी विवाद के बीच, सांसद अजेंद्र सिंह लोधी आगामी 17 मई को अपने संसदीय क्षेत्र हमीरपुर जनपद में एक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे। हमीरपुर एलआईयू की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई और उनके हमीरपुर में प्रवेश पर रोक लगा दी। इसी क्रम में कुलपहाड़ तहसीलदार और एलआईयू की टीम ने यह कार्रवाई की। महोबकंठ थाना के पुलिस बल के साथ सांसद के पैतृक आवास पहुंचे और उन्हें हाउस अरेस्ट का नोटिस थमा दिया। ​इस पूरी कार्रवाई पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सांसद अजेंद्र सिंह लोधी ने सरकार और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक निर्वाचित सांसद होने के नाते उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र की जनता के बीच जाने का पूरा अधिकार है, लेकिन स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से सत्ता के दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यदि उन्हें 17 मई को हमीरपुर नहीं जाने दिया गया तो कोई बात नहीं, लेकिन वह आने वाले दिनों में सबसे पहले हमीरपुर ही जाएंगे। हालांकि उन्होंने सुरक्षा और रणनीति का हवाला देते हुए अगली तारीख का खुलासा करने से साफ इनकार कर दिया।



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