रायपुर
युवा नेतृत्व एवं कौशल विकास क्षमता कार्यशाला में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने युवाओं को किया प्रेरित
उच्च शिक्षा विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना राज्य प्रकोष्ठ द्वारा गुरुवार को जिला ऑडिटोरियम, बलौदाबाजार में ‘नशामुक्त विकसित भारत, नशामुक्त सशक्त युवा’ एवं संत रविदास जयंती के अवसर पर युवा नेतृत्व एवं कौशल विकास क्षमता कार्यशाला का आयोजन किया गया। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने युवाओं को जीवन की चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करने और निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल उपस्थित रहे।
युवा नेतृत्व एवं कौशल विकास क्षमता कार्यशाला में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने युवाओं को किया प्रेरित
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि युवाओं में अपार ऊर्जा और सामर्थ्य निहित है। इस ऊर्जा को सही दिशा में लगाया जाए तो समाज और देश में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में अनेक युवाओं ने कम उम्र में ही असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं। आदि शंकराचार्य, स्वामी विवेकानंद, खुदीराम बोस और शहीद भगत सिंह जैसे महान व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।
मंत्री चौधरी ने कहा कि जीवन में कठिनाइयां आएं तो घबराकर हार नहीं माननी चाहिए, बल्कि उनका डटकर सामना करना चाहिए। कठिनाइयां हमारी राह में बाधक होने के साथ-साथ हमें मजबूत बनाने वाली साधक भी होती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सड़क पर गड्ढे होने के कारण हम अपनी यात्रा नहीं रोकते, बल्कि उन्हें पार कर आगे बढ़ते हैं। इसी तरह जीवन की चुनौतियों को पार करते हुए अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपने भीतर जुनून पैदा करने और कुछ कर गुजरने की इच्छा रखने का आह्वान करते हुए कहा कि सफलता के लिए चुनौतियों का सामना करने और सोच-समझकर जोखिम लेने की क्षमता भी विकसित करनी होगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या तेजी से बढ़ी है और नर्सिंग कॉलेजों की संख्या 24 तक पहुंच चुकी है। राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय महत्व के अनेक संस्थान स्थापित हुए हैं, जिससे युवाओं को शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
चौधरी ने कहा कि आज के दौर में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि डिग्री के साथ कौशल भी आवश्यक है। युवाओं को अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप कौशल विकसित कर बदलते रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार 200 युवाओं को यूपीएससी की निःशुल्क कोचिंग की सुविधा उपलब्ध करा रही है। साथ ही विभिन्न विभागों में सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी जारी है।
मंत्री चौधरी ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह युवाओं के लिए विचारों के आदान-प्रदान और सीखने का प्रभावी माध्यम है। इसका उपयोग सकारात्मक विचारों, ज्ञान और रचनात्मक गतिविधियों के लिए किया जाना चाहिए। युवाओं को नकारात्मक एवं भ्रामक विषयों से दूरी बनाकर सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करना चाहिए।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति राष्ट्र के सामने एक गंभीर चुनौती है। केवल नशे की आलोचना करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके खिलाफ समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। युवा यदि नशे के चंगुल में फंसते हैं तो इसका नुकसान पूरे राष्ट्र को होता है। उन्होंने संत रविदास के प्रकट उत्सव का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके बताए मार्ग पर चलते हुए छत्तीसगढ़ को विकसित और अग्रणी राज्य बनाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।
कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष मती आकांक्षा जायसवाल, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, डॉ. सनम जांगड़े, प्रमोद शर्मा, जनपद अध्यक्ष मती सुलोचना यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।












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