हिसार/पानीपत
सफाई कर्मचारियों की 15 दिन से जारी हड़ताल का असर अब कचरा प्रबंधन की पूरी व्यवस्था पर दिखने लगा है। कई शहरों में घरों, दुकानों और डंपिंग प्वाइंटों पर कचरे के ढेर बढ़ते जा रहे हैं।
कहीं वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कचरा उठाने की कोशिश हो रही है तो कहीं हड़ताली कर्मचारी उसे भी रोक रहे हैं। सिरसा में चार कचरा प्वाइंटों पर आग लगने की घटनाएं सामने आईं। इसी बिगड़ती व्यवस्था को लेकर सिरसा विधायक गोकुल सेतिया ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की हैयाचिका में हड़ताल के दौरान शहर में पैदा हुए हालात और प्रशासन की ओर से किए जा रहे प्रबंधों पर सवाल उठाए गए हैं। हाई कोर्ट ने स्थानीय शहरी निकाय विभाग को नोटिस जारी कर अतिरिक्त मुख्य सचिव से उठाए गए कदमों की जानकारी शपथपत्र के माध्यम से मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी।
कचरे के ढेर बढ़े, दुर्गंध और मच्छरों से लोग परेशान
फतेहाबाद में करीब 1650 टन कचरा जमा होने का अनुमान है। निर्धारित 40 डंपिंग प्वाइंट की जगह करीब 150 स्थानों पर कचरे के ढेर लग गए हैं। हांसी में रोज करीब 40 टन कचरा निकलता है और करीब 400 टन कचरा सड़कों पर जमा होने का अनुमान है। कैथल के पुराने शहर, बाजारों और दुकानों के बाहर कचरा जमा होने से लोग परेशान हैं। भिवानी में बाजारों, सड़कों और गलियों में 1800 क्विंटल से अधिक कचरा फैला है।
सैलजा ने सरकार को कोसा
कांग्रेस महासचिव व सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा सरकार संवादहीन होती जा रही है। गुरुग्राम, सिरसा, फरीदाबाद सहित प्रदेश के सभी शहरों में सफाईकर्मियों की हड़ताल के चलते सड़कों के किनारे कूड़ाघर बन चुके हैं। यह देखते हुए भी प्रदेश सरकार 15 दिन से हड़ताल पर चल रहे सफाईकर्मियों से सार्थक बात के लिए आगे नहीं आ रही है।
सरकार की नाक के नीचे हड़ताल चल रही है और संबंधित विभाग की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे। जनहित के इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाता रहेगा, ताकि आम जनता के हितों की रक्षा हो सके। -गोकुल सेतिया, विधायक, सिरसा
ऐसे बिगड़े सफाई के हालात हिसार
667 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। रोज निकलने वाले 216 मीट्रिक टन कचरे के हिसाब से तीन हजार मीट्रिक टन से अधिक कचरा जमा होने का अनुमान है।
जींद: ठेकेदार के कर्मचारियों को भी हड़ताली कर्मचारी कचरा उठाने से रोक रहे हैं। करीब 350 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। वीरवार को हड़तालियों ने ठेकेदार के कारिंदों को कचरा उठाने से रोक दिया।
कैथल: पुराने शहर, बाजारों, घरों और स्कूलों के बाहर कचरे के ढेर लगे हैं। बेसहारा गोवंश के मुंह मारने से बीमारी फैलने की आशंका है।
यमुनानगर: 113 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। एजेंसी के जरिये कचरा उठाने का प्रयास भी विरोध के कारण सुचारू नहीं हो पा रहा।
पानीपत: डोर-टू-डोर कचरा उठान जारी है। नालों की सफाई और सड़कों पर झाड़ू का काम बंद है।
भिवानी: बाजारों, सड़कों और गलियों में 1800 क्विंटल से अधिक कचरा फैला है। अंबाला: 250 कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जबकि परिषद 125 कर्मचारियों के सहारे सफाई व्यवस्था संभाल रही है। सात वार्डों में हालात खराब हैं।
















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