चंडीगढ़.
हरियाणा में अग्निवीरों के पहले बैच की चार साल की सैन्य सेवा पूरी होने के साथ ही राज्य सरकार ने उनके लिए सरकारी रोजगार की तैयारी तेज कर दी है। सरकार ने प्रदेश के सभी विभागों, बोर्डों और निगमों से पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित सीधी भर्ती के पदों का वास्तविक ब्यौरा मांग लिया है।
सामान्य प्रशासन विभाग की मानव संसाधन-2 शाखा ने 25 अगस्त को आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों से 26 अगस्त दोपहर तीन बजे तक निर्धारित प्रोफार्मा में जानकारी देने को कहा है।
सरकार इस कवायद के जरिए यह पता लगाएगी कि पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित कितने पद उपलब्ध हैं, कौन से विभागों में हैं और उन पर भर्ती कब हो सकती है। सरकारी विभागों को सिर्फ रिक्त पदों की संख्या नहीं, बल्कि पद का नाम, आरक्षण प्रतिशत, संभावित रिक्तियों की संख्या, श्रेणीवार विवरण और भर्ती का प्रस्तावित महीना भी बताना होगा। यूआर, ओएससी, डीएससी, बीसी-ए, बीसी-बी और ईडब्ल्यूएस के अनुसार भी रिक्तियों का ब्योरा मांगा गया है।
पहले बैच में हरियाणा के 1,373 युवा
अग्निपथ योजना के तहत हरियाणा से अब तक 7,228 युवा अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए हैं। इनमें 2022-23 में 2,227, 2023-24 में 2,893 और 2024-25 में 2,108 युवा शामिल हैं। योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा में बनाए रखने का प्रविधान है, जबकि बाकी अग्निवीर सेवा से बाहर होते हैं। देश में पहला बैच जुलाई 2026 से चार साल की सेवा पूरी करने के बाद बाहर होना शुरू हुआ है। हरियाणा से इस पहले बैच में करीब 1,373 युवा हैं। ऐसे में सरकार की यह कवायद सीधे तौर पर इन युवाओं के सैन्य सेवा के बाद रोजगार की तैयारी से जुड़ी है।
एचपीएससी-एचएसएससी की भर्तियों में जुड़ेगा कोटा
सरकारी आदेश में खासतौर पर उन पदों की उपलब्धता मांगी गई है, जिन पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) के माध्यम से की जानी है। विभागों से मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर आगामी सीधी भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के आरक्षण को लागू करने की तस्वीर साफ होगी।
संभावित भर्ती कैलेंडर भी तैयार करने की तैयारी
हरियाणा में पुलिस कांस्टेबल, इंडियन रिजर्व बटालियन, स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स, फारेस्ट गार्ड, जेल वार्डन, माइनिंग गार्ड, वाइल्डलाइफ गार्ड और फायर आपरेटर जैसे पदों पर 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रविधान है। सामान्य ग्रुप-सी पदों पर पांच प्रतिशत और सैन्य सेवा से जुड़े विशेष कौशल वाले ग्रुप-बी पदों पर एक प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। सरकार की इस कवायद में सबसे अहम बात यह है कि विभागों को संभावित रिक्तियों के साथ भर्ती का प्रस्तावित महीना भी बताना होगा। इससे सरकार के पास केवल आरक्षित पदों का आंकड़ा ही नहीं, बल्कि आने वाले महीनों में किन विभागों में और कब भर्ती हो सकती है, इसका संभावित कैलेंडर भी तैयार होगा।













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