कलकत्ता
28 अगस्त को पश्चिम बंगाल तृणमूल छात्र परिषद (WBTMCP) के स्थापना दिवस समारोह के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई है। कार्यक्रम के आयोजकों को भी आरोपी बनाया गया है।
शिकायत के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान तृणमूल छात्र परिषद के समर्थकों ने सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड्स को जबरन तोड़ दिया, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और कैथेड्रल रोड पर यातायात को पूरी तरह से बाधित कर दिया। इसके अलावा आयोजकों पर अदालत द्वारा निर्धारित समय-सीमा के बाद भी कार्यक्रम जारी रखने का आरोप लगा है।
हेस्टिंग्स थाना पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। ममता बनर्जी और आयोजकों के खिलाफ धारा 61(2) आपराधिक साजिश, धारा 223 (आदेश की अवज्ञा करना), धारा 125(a) (दूसरों के जीवन को खतरे में डालना), धारा 132 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) और धारा 285 (सार्वजनिक मार्ग में बाधा डालना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या था कलकत्ता हाईकोर्ट का आदेश
आपको बता दें कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद बैठक सड़क के एक तरफ आयोजित की जानी थी, जबकि गाड़ियां बगल की लेन से गुजरनी थीं। भीड़ के कारण जब ट्रैफिक लेन में जाम लग गया, तो ममता बनर्जी ने अपनी सभा रोक दी और स्थिति को संभालने के लिए हस्तक्षेप किया। उन्होंने पुलिस की खराब व्यवस्थाओं पर भी नाराजगी जतायी और आरोप लगाया कि इस कार्यक्रम को बाधित करने की साजिश थी।
ममता ने भाजपा पर लगाया सत्ता चोरी का आरोप
आपको बता दें कि इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि उसने चोरी से बंगाल पर कब्जा किया है। उन्होंने कहा, "चोरी कर बंगाल पर कब्जा किया गया है, लेकिन आप चिंता न करें। बंगाल में एक और बदलाव आयेगा। बहुत जल्द तृणमूल कांग्रेस सत्ता में वापस आयेगी। और भाजपा के अपने लोग ही भाजपा को जवाब देंगे।"
ममता ने भाजपा पर बाहुबल के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया और दावा किया कि पार्टी से जुड़े 'अराजक तत्व' पूरे बंगाल में राजनीतिक गतिविधियों पर हावी हो रहे हैं। उन्होंने कहा, "ईश्वर नाम की भी कोई चीज होती है। उन्होंने कहा था कि मुझे बाहर नहीं निकलने दिया जायेगा। मैं देखना चाहती हूं कि उनमें कितनी हिम्मत है। सब कुछ बाहुबल से नहीं चलाया जा सकता।"
तृणमूल छात्र परिषद के आधिकारिक गुट का मुख्य कार्यक्रम कैथेड्रल रोड पर आयोजित किया गया था, जबकि ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले बागी गुट ने एस्प्लेनेड के रानी राशमोनी एवेन्यू में अपना कार्यक्रम रखा। न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए, किसी भी गुट को मेयो रोड पर बैठक करने की अनुमति नहीं दी गई थी।














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