मुंबई
बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्लर्क पद पर 16 अगस्त को आयोजित टाइिंग टेस्ट के लिए हुई परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है. कोर्ट ने प्रशासन को बताया कि चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है. साथ ही उन्होंने बताया कि टाइपिंग के लिए नई परीक्षा तारीखों,एग्जाम सेंटर और इससे जुड़ी कई अन्य जानकारी बाद में ऑफिशियल वेबसाइट पर शेयर की जाएगी।
कब हुई थी परीक्षा?
हाई कोर्ट की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, 8 दिसंबर 2025 को प्रकाशित भर्ती विज्ञापन के तहत क्लर्क पदों के लिए 16 अगस्त 2026 को टाइपिंग टेस्ट आयोजित किया गया था। हालांकि, परीक्षा के दौरान राज्य के कई केंद्रों पर तकनीकी समस्याएं सामने आईं, जिसके कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
क्या है वजह?
जानकारी के अनुसार, सर्वर डाउन होने, कंप्यूटर और कीबोर्ड के सही ढंग से काम नहीं करने जैसी समस्याओं के चलते कई उम्मीदवार परीक्षा पूरी नहीं कर सके। छत्रपति संभाजीनगर, कल्याण, वाशिम और हिंगोली समेत कई परीक्षा केंद्रों से अभ्यर्थियों ने तकनीकी खामियों की शिकायतें की थी। इन समस्याओं के कारण परीक्षा प्रक्रिया को लेकर भ्रम और असंतोष की स्थिति बन गई थी।
परीक्षा दोबारा कराने की मांग
तकनीकी गड़बड़ियों से नाराज अभ्यर्थियों ने विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी किया। छत्रपति संभाजीनगर में उम्मीदवारों ने धरना देकर परीक्षा दोबारा कराने की मांग उठाई। अभ्यर्थियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मामले ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने भी प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों का समर्थन किया।
टाइपिंग टेस्ट को रद्द करने का फैसला
विवाद बढ़ने के बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने पूरे मामले की समीक्षा की और 16 अगस्त को आयोजित टाइपिंग टेस्ट को रद्द करने का फैसला लिया। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नई परीक्षा के लिए संशोधित कार्यक्रम जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाएगा। अब अभ्यर्थियों को नई परीक्षा तिथि की घोषणा का इंतजार है। हाई कोर्ट प्रशासन ने उम्मीदवारों से भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी सभी आधिकारिक जानकारी केवल बॉम्बे हाई कोर्ट की वेबसाइट से प्राप्त करने की अपील की है।
क्या लगे थे आरोप?
दरअसल, रविवार यानी 16 अगस्त को महाराष्ट्र में आयोजित कई सेंटरों पर परीक्षा में तकनीकी खराबी आई थी. बॉम्बे हाई कोर्ट की क्लर्क टाइपिंग स्किल टेस्ट में शामिल होने वाले उम्मीदवारों ने कई केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ी का आरोप लगाया था. सर्वर डाउन होने, कंप्यूटर का सही ढंग से काम करें समेत कई अन्य समस्याओं के बाद से छात्रों ने जमकर विरोध प्रदर्शन भी किया था।
परीक्षा दोबारा करवाने की मांग
तकनीकी खराबी के बाद से छात्रों में प्रदर्शन करते हुए परीक्षा दोबारा कराने की मांग की थी और विवाद बढ़ने के बाद से बॉम्बे हाँ कोर्ट ने इस पूरे मामले की समीक्षा की और परीक्षा रद्द कराने का फैसला किया।













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