कौशांबी
उत्तर प्रदेश के कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है. पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में आईजी रेंज प्रयागराज अजय मिश्र ने कार्रवाई की है. इस मामले में एक इंस्पेक्टर और 6 SI को सस्पेंड किया गया है. वहीं कौशांबी एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने थाना प्रभारी पिपरी विकास सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है. चौकी प्रभारी चायल अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी प्रभारी चायल मनीष पाल पर भी कार्रवाई हुई है।
बीट आरक्षी जितेंद्र कुमार और कृष्ण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. पुलिसकर्मियों पर पटाखा फैक्ट्री संचालन की सूचना दर्ज नहीं कराने और लापरवाही बरतने के आरोप में कार्रवाई की गई है।
इस ब्लास्ट कांड के मुख्य आरोपी नौशाद को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है. पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी में सोमवार को पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके के बाद से मुख्य आरोपी नौशाद फरार था. पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नौशाद चरवा थाना क्षेत्र के तेरामिल के पास से भागने की फिराक में है. सूचना पर एसओजी और पुलिस टीम ने घेराबंदी की।
पुलिस के मुताबिक, खुद को घिरता देख नौशाद ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. उसके कब्जे से एक तमंचा और कारतूस बरामद किया गया है. घायल नौशाद को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. नौशाद के अलावा उसके भाई शकील, पत्नी कहकशां बानो, शकील की पत्नी शबाना, नौशाद के बेटे आदिल और शकील की बेटी साइना के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हैं।
ब्लास्ट में 11 लोगों की मौत
पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी में सोमवार सुबह करीब 11 बजे पटाखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ था. हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हुई है, जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. घायलों का प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में इलाज चल रहा है. यहधमाका इतना भीषण था कि आसपास के करीब आधा दर्जन मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि दर्जनभर से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं. घटनास्थल पर राहत और बचाव के साथ मलबे में तलाशी का काम भी किया गया।
अब तक इनकी हुई मौत
– प्रियांजलि (पांच वर्ष) पुत्री मंजीत कुमार
-प्रवीण सिंह (13 वर्ष) पुत्र मंजीत
-जाह्नवी (12 वर्ष) पुत्री गया प्रसाद
-आदित्य (12 वर्ष) पुत्र गया प्रसाद
-रवि (आठ वर्ष) पुत्र गया प्रसाद
-ज्ञान सिंह (40 वर्ष) पुत्र हरिमोहन
-आदित्य (आठ वर्ष) पुत्र अज्ञात
-अंजू (23 वर्ष) पत्नी विक्रम सरोज
-विक्रम सरोज (35 वर्ष)
-अंश (छह वर्ष) पुत्र विक्रम सरोज
-नन्हा (04 वर्ष) पुत्र विक्रम सरोज
– अन्य का नाम अभी ज्ञात नहीं।
मानव अंग के अवशेष से सुनील की शिनाख्त
अवैध पटाखा फैक्ट्री के ठीक बगल बूंदी का कारखाना था। सोमवार को घटना के वक्त कारखाने में रहे दो मजदूरों की मौत हो गई थी, एक शव की शिनाख्त हुई जबकि दूसरे का कटा हुआ हाथ प्रयागराज व पैर कौशांबी के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा। शव की शिनाख्त कराना पुलिस के लिए चुनौती बन गया था लेकिन इन कयासों पर विराम लगाया उमा ने। दिव्यांग का कटा हुआ पैर देख बिलखी उमा ने उसकी पहचान अपने भाई सुनील मौर्य के रूप में की। पुलिस अब इसकी आधिकारिक पुष्टि डीएनए टेस्ट से कराएगी।
30 वर्षीय सुनील मौर्या पुत्र बब्बू निवासी पकसराई थाना चरवा बूंदी कारखाना में काम करता था। इसका हाथ मिला था। जिस पर पत्नी का नाम लिखा था, पत्नी रेखा देवी ने हाथ की पहचान किया है। उनके बेटे साक्षी 10 साल, प्रियांशु, आठ, शनि छह, सौरभ चार साल बच्चे हैं। कल रात में सुनील मौर्य की बहन शोभा देवी आई थी लेकिन पहचान नहीं हो पाई। आज दूसरी छोटी बहन उमा देवी आई है पैर की पहचान की है और बताया कि भाई का हाथ बोरी में भरा था उसमें गोदना से लिखा था लेकिन वह बोरी नहीं मिली है
दरअसल, नौशाद की पटाखा फैक्ट्री आबादी में होने के कारण ही दो साल पहले फैक्ट्री का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था, लेकिन व्यवस्था आंखें मूंदे रही और नौशाद का बेटा आदिल कुछ दूरी पर बिना लाइसेंस के ही पिता के कारोबार को जानलेवा तरीके से बढ़ाता गया।
नौशाद का परिवार और उसके करीबी रिश्तेदार भी बारूदी पटाखे बनाने का ही काम करते हैं। सुबह बचाव कार्य के दौरान एक ही परिवार के तीन शव मिले, इसमें विक्रम और उनके दो बेटे अंश और शिवम शामिल हैं। जबकि सुनील मौर्य का कटा हुआ हाथ प्रयागराज व पैर कौशांबी के पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया। बहन उमा ने दिव्यांग भाई के पैर की पहचान की।उसके हाथ पर पत्नी का नाम देख सुनील मौर्य के रूप में पहचान की गई। पुलिस अब इसकी आधिकारिक पुष्टि डीएनए टेस्ट से कराएगी ।
सोमवार को प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर स्थित मनौरी में अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में धमाका हो गया। इससे कई मकान जमींदोज तो छह घर क्षतिग्रस्त हो गए। उस समय तक हादसे में एक परिवार चार सदस्य समेत 11 की दर्दनाक मौत हो गई थी जबकि 20 से अधिक घायल हुए। उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। ट्रेनों का संचालन करीब एक घंटे तक बाधित रहा।
एयरफोर्स स्टेशन मनौरी से करीब दो किमी दूर पटाखा फैक्ट्री में धमाका इतना तेज हुआ कि उसकी गूंज करीब ढाई किलोमीटर तक सुनाई दी। करीब 500 मीटर दूर तक सरिया, मकान के अवशेष बिखर गए। पुलिस, प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन की रेस्क्यू आपरेशन चला रही है। एयरफोर्स के 50 जवान भी राहत और बचाव कार्य में जुटे रहे। जेसीबी से मलबा हटाकर दबे लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है।
चीख-पुकार के बीच सुरक्षा एजेंसियां भी मौके पर पहुंचकर इनपुट जुटाती रहीं। पिपरी थाने में गया प्रसाद की तहरीर पर छह के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है। पुलिस ने अवैध फैक्ट्री संचालन से जुड़े कई लोगों को पकड़ा है, लेकिन मालिक गायब है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से मृतक के परिवार को दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। जल्द ही कुछ कर्मचारियों को निलंबित किए जाने की बात भी कही गई है।
प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर स्थित मनौरी बाजार से कुछ दूर चिल्ला शहबाजी (मीरपुर) गांव है। यहां एक नई कालोनी विकसित हो रही है। खेत के बीच में ही मनौरी निवासी आदिल की ओर से अवैध पटाखा फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा था। दो साल पहले उसकी फैक्ट्री का लाइसेंस रद कर दिया गया था। फैक्ट्री के बगल ही धारा केसरवानी की बूंदी बनाने का कारखाना था। उसके बगल ही कई मकान हैं, जहां रेलकर्मी, बैंककर्मी समेत अन्य का परिवार रहता है।
बताया गया है कि सोमवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे पटाखा बनाने के लिए बारुद सहित दूसरे ज्वलनशील पदार्थ का मिश्रण किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक धमाका हुआ तो चंद मिनट में ही पूरा मकान जमींदोज हो गया। आग लगने के साथ ही आसमान में धुएं का गुबार उठने लगा। चौतरफा बारुद की गंध छा गई। आसपास के मकान क्षतिग्रस्त हो गए। पटाखा फैक्ट्री, बूंदी कारखाना में काम कर रहे कर्मचारी, मजदूर मलबे में दब गए। थोड़ी ही देर में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। अपनों की मौत का पता चला तो परिवार फूट-फूटकर रोने लगा।
प्रयागराज के एडीजी जोन ज्योति नारायण, आइजी रेंज अजय मिश्रा, मंडलायुक्त, एडिशनल पुलिस कमिश्नर डा. अजय पाल शर्मा, कौशांबी के जिलाधिकारी अमित पाल शर्मा, एसपी भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। हालात खराब होने के कारण एयरफोर्स पुलिस के जवानों को भी राहत और बचाव कार्य के लिए बुला लिया गया। पटाखे में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक की तीव्रता इतनी अधिक थी कि हाईटेंशन लाइन के पिलर का ज्वाइंडर तक तक क्षतिग्रस्त हो गया।
दूसरे मकान ढह और क्षतिग्रस्त हुए। रेस्क्यू आपरेशन के बीच ही फटाखा फूटता रहा, जिससे स्थिति बिगड़ती रही। धमाके से जान गवाने वाले बच्चे जान्हवी, आदित्य, रवि और अमित के पिता गया प्रसाद की तहरीर पर पिपरी पुलिस ने नौशाद, उसकी बीवी कहकसा बानो, भाई शकील, उसकी बीवी शबाना, बेटे आदिल, बेटी साइना के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है। जिलाधिकारी कौशांबी अमित पाल शर्मा ने कहा कि हादसे में 11 लोगों की मौत हुई है। रेस्क्यू आपरेशन जारी है। दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। पटाखा फैक्ट्री का लाइसेंस वर्ष 2024 में निलंबित किया गया था।
कौशांबी के पिपरी थाना क्षेत्र स्थित मनौरी के पास चिल्ला शहबाजी गांव की पटाखा फैक्ट्री में सोमवार को हुए विस्फोट और 15 लोगों की मौत होने पर नौ पुलिस कर्मियों पर गाज गिरी है। आइजी अजय कुमार मिश्रा ने लापरवाही बरतने पर एक इंस्पेक्टर और छह दारोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके बाद दो और पर कार्रवाई हुई। आइजी के निर्देश पर पिपरी थाना व चौकी में पिछले दो वर्ष में तैनात रहे यहां पुलिस कर्मियों को खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है।
निलंबित होने वालों में निरीक्षक शिवचरण राम, उपनिरीक्षक विकास सिंह, विनय सिंह, अजीत कुमार सिंह, अभिषेक गुप्ता, मनीष पाल व अमित द्विवेदी शामिल हैं। इससे पहले सोमवार को रात कौशांबी एसपी ने दो बीट आरक्षी को निलंबित करते हुए थाना प्रभारी समेत तीन लोगों को लाइन हाजिर किया था।
सीएम योगी ने किया मुआवजे का ऐलान
कौशांबी हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है. वहीं, घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने घायलों के समुचित इलाज के निर्देश भी दिए हैं।
सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने उठाए सवाल
वहीं घटनास्थल का जायजा लेने पहुंचे सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि घनी आबादी वाले इलाके में प्रशासन की नाक के नीचे अवैध पटाखा फैक्ट्री कैसे चल रही थी, इसकी जांच होनी चाहिए. सपा सांसद ने कहा कि हादसे में कई घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं और 11 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं. उन्होंने लापता सुनील मौर्य का भी जिक्र किया और कहा कि उसके परिजन अब भी उसके शव की तलाश में हैं. पुष्पेंद्र सरोज ने यह भी सवाल उठाया कि फैक्ट्री को चलाने की इजाजत कौन दे रहा था और इस हादसे की जिम्मेदारी कौन लेगा. उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवारों को उचित मदद और भरोसा देने की मांग की।
















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