लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में वैश्विक निवेशकों का बढ़ता भरोसा अब प्रदेश को एल्युमिनियम बेवरेज कैन और एडवांस पैकेजिंग मैन्युफैक्चरिंग के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। दुनिया की तीन प्रमुख पैकेजिंग कंपनियां बॉल कॉर्पोरेशन, क्राउन होल्डिंग्स और कैनपैक उत्तर प्रदेश में बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट स्थापित करने जा रही हैं। तीनों परियोजनाओं के जरिए मेरठ और उन्नाव में कुल ₹6,566 करोड़ का प्रस्तावित निवेश होगा। इसी कड़ी में गुरुवार को क्राउन होल्डिंग्स और बॉल कॉर्पोरेशन के शीर्ष प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में क्राउन के कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं मुख्य परिचालन अधिकारी डाल्मा नोवेस और बेवरेज कैन, यूरोप-मध्य पूर्व एवं अफ्रीका के अध्यक्ष मार्क केचेसन के अतिरिक्त बॉल कॉर्पोरेशन के सीईओ रॉन लुईस और बोर्ड मेंबर्स कैरी कॉजी और मैंडी ग्लू शामिल रहे। उत्तर प्रदेश में कंपनी की प्रस्तावित निवेश परियोजना के बीच शीर्ष नेतृत्व की मुख्यमंत्री से यह मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
क्राउन पैकेजिंग इंडिया प्रा. लि. उन्नाव में भारत की अपनी पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है। वहीं बॉल बेवरेज पैकेजिंग इंडिया प्रा. लि. मेरठ में और कैनपैक इंडिया उन्नाव में बड़े निवेश की तैयारी में हैं। इन तीनों ग्लोबल कंपनियों की मौजूदगी प्रदेश में एकीकृत एल्युमिनियम पैकेजिंग इकोसिस्टम विकसित करने की मजबूत जमीन तैयार करेगी।
उन्नाव में ₹2,078.44 करोड़ लगाएगी क्राउन
क्राउन होल्डिंग्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी क्राउन पैकेजिंग इंडिया प्रा. लि. उन्नाव के इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (आईएमएलसी) में अपना ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम बेवरेज कैन प्लांट स्थापित कर रही है। बुधवार को ही प्लांट का भूमिपूजन कार्यक्रम भी संपन्न हुआ है। करीब 40 एकड़ में प्रस्तावित इस परियोजना में ₹2,078.44 करोड़ का निवेश होगा। यह परियोजना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि क्राउन भारत में अपनी पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट उत्तर प्रदेश में स्थापित कर रही है। प्लांट की शुरुआती उत्पादन क्षमता 116.2 करोड़ एल्युमिनियम कैन प्रतिवर्ष होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 178.6 करोड़ कैन सालाना किया जा सकेगा। परियोजना से 209 प्रत्यक्ष और 1,500 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। परियोजना को योगी सरकार के निवेश प्रोत्साहन फ्रेमवर्क के तहत यूपीडा द्वारा फैसिलिटेट किया जा रहा है। क्राउन के निवेश से प्रदेश में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, स्थानीय स्तर पर कच्चे माल और सेवाओं की सोर्सिंग तथा सप्लायर डेवलपमेंट को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे उत्तर प्रदेश के स्थानीय उद्यमियों और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों के लिए ग्लोबल वैल्यू चेन से जुड़ने के नए अवसर पैदा होंगे।
मेरठ में ₹2,913 करोड़ का निवेश करेगी बॉल
ग्लोबल पैकेजिंग कंपनी बॉल कॉर्पोरेशन की इकाई बॉल बेवरेज पैकेजिंग इंडिया प्रा. लि. मेरठ के आईएमएलसी में एल्युमिनियम बेवरेज कैन की बड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए ₹2,913 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव लेकर आई है। करीब 40 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस परियोजना को भी यूपीडा द्वारा फैसिलिटेट किया जा रहा है। बॉल की मौजूदगी उत्तर प्रदेश में एडवांस पैकेजिंग मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती देने के साथ बेवरेज, एफएमसीजी, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और एंसिलरी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए भी नए अवसर पैदा करेगी। परियोजना से टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, स्किल डेवलपमेंट, लोकल सोर्सिंग और स्थानीय सप्लायर नेटवर्क के विस्तार को भी गति मिलने की उम्मीद है।
कैनपैक उन्नाव में लगाएगी ₹1,574.62 करोड़
ग्लोबल पैकेजिंग सेक्टर की एक और प्रमुख कंपनी कैनपैक इंडिया भी उन्नाव स्थित यूपीडा के आईएमएलसी में ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम बेवरेज कैन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार की नवीनतम मंजूरी के अनुसार परियोजना में ₹1,574.62 करोड़ का प्रस्तावित निवेश है। करीब 26 हेक्टेयर में विकसित होने वाली इकाई की उत्पादन क्षमता लगभग 130 करोड़ कैन प्रतिवर्ष होगी। इन निवेश परियोजनाओं से उत्तर प्रदेश में एल्युमिनियम बेवरेज कैन मैन्युफैक्चरिंग का नया औद्योगिक नक्शा तैयार हो रहा है। अकेले उन्नाव में क्राउन और कैनपैक जैसे दो बड़े अंतरराष्ट्रीय प्लेयर्स की इकाइयां प्रस्तावित हैं, जबकि मेरठ में बॉल कॉर्पोरेशन की बड़ी परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस सेक्टर का मजबूत आधार तैयार करेगी।
मेरठ और उन्नाव में तीनों कंपनियों का संयुक्त ₹6,566 करोड़ का प्रस्तावित निवेश उत्तर प्रदेश में एडवांस पैकेजिंग की पूरी वैल्यू चेन विकसित करने की क्षमता रखता है।
कैन बनाने तक सीमित नहीं रहेगा निवेश, विकसित होगी पूरी सप्लाई चेन
इन परियोजनाओं का आर्थिक प्रभाव केवल एल्युमिनियम कैन के उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा। बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के आसपास कच्चे माल, मशीनरी, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्टेशन, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, मेंटेनेंस और दूसरी एंसिलरी गतिविधियों की मांग भी बढ़ेगी। इससे बेवरेज और एफएमसीजी उद्योगों को उत्तर प्रदेश में ही बड़े पैमाने पर पैकेजिंग सप्लाई मिलने का आधार तैयार होगा। साथ ही स्थानीय एमएसएमई और सप्लायर्स को इन ग्लोबल कंपनियों की सप्लाई चेन से जुड़ने के अवसर मिल सकते हैं। फूड प्रोसेसिंग और बेवरेज सेक्टर में उत्तर प्रदेश के बढ़ते औद्योगिक आधार के बीच एल्युमिनियम पैकेजिंग की स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग सप्लाई चेन को और मजबूत कर सकती है।
योगी सरकार के आईएमएलसी बन रहे बड़े निवेश के नए ठिकाने
तीनों परियोजनाओं में यूपीडा के इंटीग्रेटेड मैनयुफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आईएमएलसी) की महत्वपूर्ण भूमिका है। बॉल की परियोजना मेरठ आईएमएलसी में प्रस्तावित है, जबकि क्राउन और कैनपैक उन्नाव आईएमएलसी में अपनी इकाइयां स्थापित कर रही हैं। योगी सरकार औद्योगिक भूमि, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को एक साथ जोड़कर प्रदेश में बड़े मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने पर जोर दे रही है। इन क्लस्टर्स में ग्लोबल कंपनियों का निवेश इस औद्योगिक मॉडल को नई मजबूती देने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का फोकस केवल निवेश प्रस्ताव हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश को जमीन पर उतारकर उसके आसपास रोजगार, कौशल, स्थानीय सोर्सिंग और एंसिलरी इंडस्ट्री का इकोसिस्टम तैयार करने पर है। बॉल, क्राउन और कैनपैक की परियोजनाएं इसी दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।















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