नई दिल्ली
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 18वें ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दुनिया में बराबरी की जोरदार वकालत की। उन्होंने कहा कि बिना नियमों वाली दुनिया उस चौराहे जैसी है, जहां यातायात संकेत नहीं हों। ऐसी जगह अराजकता होना तय है। जिनपिंग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियम सभी देशों को मिलकर बनाने चाहिए। ताकतवर देश जो चाहे, वही सही है, यह सोच अब नहीं चल सकती। ग्लोबल साउथ के देशों को मिलकर अंतरराष्ट्रीय कानून का बचाव करना चाहिए। सभी देशों की बराबरी, दूसरे देशों के अंदरूनी मामलों में दखल न देना और विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने जैसे नियमों का पालन जरूरी है। साथ ही कानून और अंतरराष्ट्रीय नियम सभी पर एक जैसे लागू होने चाहिए। इसमें दोहरे मापदंड की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
शी जिनपिंग ने कहा कि बड़े काम करने के लिए लोगों को सबसे पहले रखना जरूरी है। ग्लोबल साउथ के देशों को आम लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास करना चाहिए और साल 2030 तक तय विकास लक्ष्यों को पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि चीन ने 5 साल पहले ग्लोबल डेवलपमेंट इनिशिएटिव शुरू किया था। इसके तहत दूसरे देशों के साथ मिलकर 2 हजार से ज्यादा परियोजनाएं पूरी की गई हैं। 2 लाख से अधिक लोगों को ट्रेनिंग भी दी गई है। इसका फायदा 120 से ज्यादा देशों के लोगों को मिला है। चीन दुनिया के लिए अपने दरवाजे और ज्यादा खोल रहा है। राजनयिक संबंध रखने वाले अफ्रीका के सभी 53 देशों को चीन ने बिना टैरिफ वाली सुविधा दी है।
ब्रिक्स के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि उभरते बाजारों और ग्लोबल साउथ के देशों के साथ रिश्ते मजबूत करने होंगे। उन्होंने उद्योग और सामान पहुंचाने की चेन को मजबूत रखने और आपसी फायदे वाले खुले सहयोग की बात कही। शी जिनपिंग ने कहा कि नई तकनीक, पारंपरिक उद्योगों के सुधार और नए क्षेत्रों में मिलकर काम करने की जरूरत है।
चीन ने 5 नई पहल का रखा प्रस्ताव
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 5 नई पहल का प्रस्ताव रखा। पहली पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के खुले और सभी के लिए उपलब्ध ढांचे की है। चीन ब्रिक्स देशों के लिए एक साझा समूह बनाने, बड़े भाषा मॉडल पर सहयोग बढ़ाने, ट्रेनिंग और एक्सपर्ट बैठकों का आयोजन करने को तैयार है।
व्यापार को आसान बनाना
दूसरी पहल व्यापार और निवेश को आसान बनाने की है। चीन ने ब्रिक्स विशेष आर्थिक क्षेत्र साझेदारी बनाने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत देश आपस में नीतियों का तालमेल बढ़ा सकेंगे। चीन अगले साल सेवाओं के व्यापार पर ब्रिक्स मंच भी आयोजित करेगा। तीसरी पहल डिजिटल उद्योगों में सहयोग की है, जिसके लिए एक साझा क्लाउड मंच बनाने का प्रस्ताव है।
आधुनिक कारखाने बनाना
चौथी पहल समझदार मशीनों और कारखानों से जुड़ी है। चीन ब्रिक्स देशों को आधुनिक कारखाने बनाने और साझा मानक तैयार करने में मदद देगा। पांचवीं पहल विज्ञान और तकनीक से जुड़े हुनरमंद लोगों को तैयार करने की है। इसके लिए ब्रिक्स इंजीनियरों का साझा समूह बनाने और युवाओं के लिए विज्ञान-तकनीक नवाचार कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है।















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