आज से प्रदेश में प्रारंभ होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा'
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी दिखाएंगे बसों को हरी झंडी
संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा एवं कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा ने लिया तैयारियों का जायजा
मंच, बैठक, ट्रैफिक एवं अन्य नागरिक सुविधाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
भोपाल
भोपाल में 25 सितंबर को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी बीएचईएल दशहरा मैदान से ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के अंतर्गत नई सार्वजनिक यात्री बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस सेवा का मुख्य उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ सुगम, सुरक्षित और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
राजधानी भोपाल के बीएचईएल दशहरा मैदान में 25 सितंबर को आयोजित होने जा रहे ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारियों का गुरूवार को संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा एवं कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा ने निरीक्षण कर जायजा लिया। अधिकारियों ने संपूर्ण कार्यक्रम परिसर का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था, सीटिंग प्लान और नागरिक सुविधाओं की समीक्षा की तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियों के अनुरूप समय-सीमा में उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के निर्देश दिए।
मंच, बैठक और यातायात व्यवस्था रहे सुचारू
स्थल निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त श्री शर्मा एवं कलेक्टर श्री मिश्रा ने कार्यक्रम स्थल पर मंच व्यवस्था, विशिष्ट अतिथियों एवं आमजनों के बैठने के लिए सुव्यवस्थित बैठक व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, शौचालय चलित प्रसाधन, पार्किंग एवं ट्रैफिक प्रबंधन को उत्कृष्ट करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने निर्देशित किया कि बीएचईएल दशहरा मैदान की ओर आने-जाने वाले मार्गों पर ट्रैफिक का सुचारू संचालन रहे, जिससे आम नागरिकों एवं आगंतुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के अंतर्गत शुरू होने वाली नई बसों का संचालन आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए परिवहन विभाग ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। सड़कों पर दौड़ने वाली इन बसों की कमान एडवांस तकनीक से प्रशिक्षित चालकों के हाथों में होगी। ड्राइवरों को सीएनजी एवं इलेक्ट्रिक बसों की उन्नत तकनीक, सुचारू संचालन और सुरक्षा मानकों से भली-भांति परिचित कराने के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
पैनिक बटन और जीपीएस तकनीक से मिलेगी लाइव लोकेशन
यात्रियों—विशेषकर महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों—की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सभी सार्वजनिक बसों में पैनिक बटन और जीपीएस (GPS) प्रणाली स्थापित की गई है। जीपीएस के माध्यम से कंट्रोल रूम द्वारा बसों की लाइव लोकेशन पर सतत् निगरानी रखी जाएगी, वहीं किसी भी आपात स्थिति में पैनिक बटन यात्रियों की त्वरित सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।
वर्ष 2031 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य, ट्रेनिंग सेंटरों का होगा विस्तार
राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में सार्वजनिक परिवहन का व्यापक विस्तार करते हुए वर्ष 2031 तक प्रदेश में बसों की संख्या 15 हजार तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 2,500 से 3,000 नई बसें बेड़े में जोड़ी जाएंगी। सुरक्षित ड्राइविंग के लिए चालकों को प्रशिक्षण देने हेतु इंदौर और छिंदवाड़ा में 'इन्स्टिट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर' (IDTR) क्रियाशील हैं। इसके अतिरिक्त भोपाल, बैतूल, छतरपुर, उज्जैन एवं ग्वालियर में 5 रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर तथा जिला स्तर पर 22 नए ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर जल्द ही स्थापित किए जाएंगे।














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