22 मई से मेरठ नगर निगम में अनिश्चितकालीन धरना:आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों का ऐलान लंबे समय से नहीं मानी जा रही मांगे




मेरठ नगर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों ने 22 मई से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। आंदोलन की शुरुआत नगर निगम परिसर में धरना और क्रमिक अनशन से होगी। इसके बाद भूख हड़ताल और अंतिम चरण में सफाई कार्य का चक्का जाम किया जाएगा।
वरिष्ठ समाजसेवी दीपक मनोठिया के निवास पर आयोजित भारतीय संविदा आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ, नगर निगम मेरठ की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ सफाई मजदूर नेता शिवकुमार नाज़ ने की, जबकि संचालन शाखा अध्यक्ष दिनेश सूद ने किया। संघ पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर लंबे समय से सांकेतिक आंदोलन किए जा रहे हैं, लेकिन नगर निगम प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन दिए गए और किसी भी मांग का समाधान नहीं किया गया। संघ अध्यक्ष दिनेश सूद ने बताया कि 20 अप्रैल 2026 को एक दिवसीय सांकेतिक धरना देकर वर्ष 2023 में बोर्ड से पारित प्रस्ताव लागू करने, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने और उन्हें संविदा में समायोजित करने की मांग उठाई गई थी। उस समय प्रशासन ने चार दिन में समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन करीब एक माह बीतने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि 22 मई से चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। बैठक में अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद कुमार बेचैन, वरिष्ठ समाजसेवी रविंद्र कुमार वैद, वाल्मीकि महासभा के संस्थापक राजकुमार तन्हा, कमल मनोठिया, नवीन गहरा, रविंद्र बैरागी, दिनेश लोहरे, राजन पिवाल, अमित जाहिदपुर, अरुण चिनॉय, सोनू बेनीवाल, नरेश तंवर, विपिन महरौल, पंकज दास, मानव ठेकेदार, राजीव भाटिया, विनोद डियर, बाबू सातवाई, बब्बू और सुमित गहलोत समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *