झज्जर.
सलाखों के पीछे बंद हाथ इस बार सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले में अपनी कहानी सुनाएंगे। जिन हाथों की पहचान अब तक अपराध और सजा से जुड़ी रही, वही हाथ लकड़ी को तराशकर टेबल, कुर्सी, बेंच, कार्नर और ट्राली तैयार कर रहे हैं।
फरवरी में लगने वाले अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में झज्जर जिला कारागार के बंदियों का यह हुनर विदेशी और देशी खरीदारों के सामने होगा। जिला कारागार में इन दिनों लकड़ी की कटाई, घिसाई और फिनिशिंग का काम चल रहा है। बंदियों द्वारा तैयार किए जा रहे फर्नीचर को कारागार विभाग की ओर से लगाए जाने वाले विशेष स्टाल पर प्रदर्शित किया जाएगा।














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