अमृतसर
पंजाब में पुलिसकर्मियों पर टारगेटेड हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. रविवार, 11 अक्टूबर को तरनतारन के नौशेहरा पन्नुआं में पंजाब पुलिस की इंटेलिजेंस विंग में तैनात ASI इकबाल सिंह की हत्या कर दी गई. बाइक सवार हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम दिया. माना जा रहा है कि हमलावर एक सफेद स्विफ्ट गाड़ी में सवार होकर फरार हो गए थे. इन हमलों में बाइक सवार हमलावर शामिल रहे हैं और ज्यादातर घटनाएं सीमावर्ती जिलों में हुई हैं।
इस साल पंजाब में पुलिसकर्मियों पर टारगेटेड हमले की यह पांचवीं घटना है. इन हमलों में अब तक पांच पुलिसकर्मियों की जान जा चुकी है, जबकि दो पुलिसकर्मी गोलीबारी की घटनाओं में बाल-बाल बचे. ज्यादातर हमले पंजाब के पंजाब के सीमावर्ती जिलों जैसे अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर में हुए हैं. इन हमलों में बाइक सवार हमलावर रहे हैं।
2026 में कितनी घटनाएं हुई?
फरवरी में गुरदासपुर स्थित डोरंगला इलाके के अधियान गांव में दो पुलिसकर्मियों ही हत्या कर दी गई थी. वहीं, मई में मजीठा के पास ASI जोहा सिंह की हत्या हुई. इसके बाद सितंबर में अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या कर दी गई, जबकि राजासांसी इलाके में ASI जसवंत सिंह गोलीबारी के हमले में बाल-बाल बचे।
अक्टूबर की शुरुआत में ही अजनाला इलाके में ASI सुखचैन सिंह घायल हो गए थे. वहीं, 11 अक्टूबर को तरनतारन के नौशेहरा पन्नुआं में ASI इकबाल सिंह की हत्या हो गई थी. इस हत्या ने पंजाब में पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. इस साल पंजाब में पुलिसकर्मियों पर कई टारगेटेड हमले हुए हैं।
मान सरकार पर विपक्ष हमलावर
ASI इकबाल सिंह की हत्या को लेकर बीजेपी, कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर सवाल उठाए हैं. दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि तरनतारन में दिनदहाड़े ASI इकबाल सिंह की हत्या ने कानून-व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार के दावों की पोल खोल दी है।
वहीं, पंजाब कांग्रेस के कद्दावर नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी इसे लेकर भगवंत मान सरकार को घेरा है. उन्होंने सवाल किया है कि आखिर भगवंत मान सरकार कब जागेगी. उन्होंने भगवंत मान से इस मुद्दे पर जवाब मांगा है।















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