Chhattisgarh CSMCL Overtime Scam | Anwar Dhebar 12 Accused


CSMCL ओवरटाइम घोटाला मामले में गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया था।

छत्तीसगढ़ के CSMCL ओवरटाइम भुगतान घोटाला मामले में ACB-EOW ने सोमवार को पहला चालान पेश किया। इस चार्जशीट में 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

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इनमें कारोबारी अनवर ढेबर, नवीन प्रताप सिंह तोमर, तिजऊराम निर्मलकर, अभिषेक सिंह, नीरज कुमार चौधरी, अजय लोहिया, अजीत नरबले, अमित प्रभाकर सालुंके, अमित मित्तल, एन. उदय राव, राजीव द्विवेदी और संजीव जैन के नाम हैं।

वहीं, इस मामले में पहले से गिरफ्तार 8 आरोपियों को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद विशेष न्यायालय ने ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है।

ACB-EOW की जांच में खुलासा हुआ कि साल 2019-20 से 2023-24 के बीच कर्मचारियों के नाम पर ओवरटाइम, बोनस, एक्सट्रा वर्क डे भुगतान और सर्विस चार्ज के रूप में लगभग 182.98 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया गया।

जांच एजेंसियों के मुताबिक शराब दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों को ओवर टाइम का पैसा मिलना था। लेकिन फर्जी बिल, बढ़े हुए भुगतान और अवैध कमीशन व्यवस्था के जरिए घोटाले की रकम को अधिकारियों, सिंडिकेट और संबंधित कंपनियों के पास गई।

CSMCL ओवरटाइम भुगतान घोटाला केस में ACB-EOW ने सोमवार को पहला चालान पेश किया।

CSMCL ओवरटाइम भुगतान घोटाला केस में ACB-EOW ने सोमवार को पहला चालान पेश किया।

4 कंपनियों को हुआ भुगतान

जांच में सुमित फैसिलिटीज, प्राइमवन वर्कफोर्स, ए-टू-जेड इंफ्रासर्विसेज, अलर्ट कमांडोज और ईगल हंटर सॉल्यूशंस जैसी मैनपावर एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। जांच एजेंसियों के अनुसार वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच इन कंपनियों को कर्मचारियों के नाम पर बड़े पैमाने पर अतिरिक्त भुगतान किया गया।

इसमें ओवरटाइम के नाम पर लगभग 101.20 करोड़ रुपए, बोनस भुगतान के रूप में 12.21 करोड़ रुपए, 4 अतिरिक्त कार्यदिवसों के भुगतान के तौर पर 54.46 करोड़ रुपए और सर्विस चार्ज के रूप में करीब 15.11 करोड़ रुपए शामिल हैं।

इस तरह कुल मिलाकर लगभग 182.98 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान विभिन्न मैनपावर एजेंसियों को किया गया, जिसे जांच एजेंसियां बड़े वित्तीय अनियमितता और कथित कमीशन नेटवर्क से जोड़कर देख रही है।

28.80 लाख कैश बरामदगी बनी अहम कड़ी

29 नवंबर 2023 को 28.80 लाख रुपए नकद पकड़े जाने की घटना इस कथित अवैध कमीशन सिस्टम की महत्वपूर्ण कड़ी बनी। जब कड़ियां जोड़ी गईं, तो पता चला कि यह पैसा कर्मचारियों के पसीने की कमाई (ओवरटाइम) का था, जिसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया।

ED की रिपोर्ट के आधार पर ACB ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धोखाधड़ी (IPC 420, 120-बी) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। इस तरह अब तक 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

EOW का कहना है कि पहली चार्ज शीट के अलावा अन्य संबंधित व्यक्तियों, अवैध राशि के उपयोग, निवेश और व्यापक नेटवर्क की जांच अभी जारी है। अतिरिक्त साक्ष्यों के आधार पर आगे और भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

CDL के वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) एन. उदय राव को ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार किया था।

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CDL के वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) एन. उदय राव को गिरफ्तार किया गया था।

CDL के वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) एन. उदय राव को गिरफ्तार किया गया था।

छत्तीसगढ़ के CSMCL ओवर टाइम भुगतान घोटाला केस में आर्थिक अपराध अन्वेषण और एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW-ACB) ने CDL के वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) एन. उदय राव को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पता चला है कि ओवरटाइम और बोनस की बिलिंग का पूरा काम उदय राव के निर्देश पर किया जाता था। पढ़ें पूरी खबर…



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