चतरा
सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, रखरखाव और मरम्मत को लेकर तीन वर्षीय विकास योजना तैयार की जाएगी। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2027-28 से अगले तीन वर्षों के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) को विद्यालय विकास योजना बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के परियोजना निदेशक शशि रंजन ने 25 सितंबर 2026 को इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी तथा जिला शिक्षा अधीक्षक सह अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को निर्देश जारी किया है।
निर्देश के अनुसार, विद्यालय विकास योजना तैयार करने के साथ इसे ग्राम पंचायत विकास योजना में भी शामिल कराया जाना है। इसके लिए जिला स्तर के अधिकारियों को पंचायती राज विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया है, ताकि विद्यालयों की जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को पंचायत की योजना में जगह मिल सके। विद्यालय विकास योजना के निर्माण एवं समेकन की प्रक्रिया चार चरणों में निर्धारित की गई है।
विद्यालय स्तर पर एक से 10 अक्टूबर, संकुल स्तर पर 11 से 17 अक्टूबर, प्रखंड स्तर पर 21 से 26 अक्टूबर तथा जिला स्तर पर 27 से 31 अक्टूबर तक कार्य पूरा करने का कार्यक्रम तय किया गया है। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी प्रविष्टियां पूरी करने का निर्देश दिया गया है। संकुल, प्रखंड और जिला स्तर की प्रविष्टियां निर्धारित लिंक के माध्यम से की जाएंगी।
निर्देश में कहा गया है कि विद्यालय विकास योजना के माध्यम से स्कूलों की आधारभूत संरचना के रखरखाव और मरम्मत से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा सकती है। इसके लिए 14वें एवं 15वें वित्त आयोग की राशि का भी उपयोग किया जा सकता है। जिला शिक्षा अधीक्षक सह झारखंड शिक्षा परियोजना के अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी रामजी प्रसाद ने बताया कि कार्ययोजना बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।















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