रायपुर में पेट्रोल 104 रुपए के पार, डीजल भी महंगा:करीब 90 पैसे बढ़े दाम, ट्रांसपोर्ट से लेकर रसोई तक पड़ेगा असर




रायपुर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार से फिर बढ़ोतरी हो गई। तेल कंपनियों ने दोनों ईंधनों के दाम करीब 90-90 पैसे प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। इससे पहले 15 मई को ही पेट्रोल-डीजल के दाम 3-3 रुपए प्रति लीटर बढ़ाए गए थे। यानी सिर्फ चार दिनों के भीतर दूसरी बार कीमतें बढ़ने से आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ने वाला है। राजधानी रायपुर में अब पेट्रोल की कीमत 104 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गई है, जबकि डीजल भी करीब 97 रुपए लीटर बिक रहा है। डीजल महंगा होने का असर सिर्फ गाड़ियों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रकों और मालवाहक वाहनों का खर्च बढ़ने से दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल, राशन और जरूरी सामान महंगे हो सकते हैं। खेती-किसानी में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने का खर्च भी बढ़ेगा। वहीं बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए में भी आने वाले दिनों में इजाफा देखने को मिल सकता है। रायपुर में मची थी पेट्रोल लेने की होड़ इससे पहले कीमत बढ़ने और सप्लाई को लेकर फैली चर्चाओं के बीच कई पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थी। रायपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाते नजर आए थे। कुछ स्थानों पर पंप बंद होने की स्थिति भी बनी रही, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई थी। हालांकि अब स्थिति समान्य है। ब्लैक मार्केटिंग पर नजर, शिकायत के लिए नंबर जारी ईंधन संकट और बढ़ती कीमतों के बीच प्रशासन भी अलर्ट मोड में है। रायपुर कलेक्टर ने पेट्रोल-डीजल की ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। शहर में कहीं भी अधिक कीमत वसूली या अवैध बिक्री की जानकारी मिलने पर लोग 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 पर शिकायत कर सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर, आगे और बढ़ सकते हैं दाम विशेषज्ञों के मुताबिक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर के पार पहुंच गए हैं। इससे तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। यदि वैश्विक बाजार में यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में ईंधन के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे तय होती है पेट्रोल-डीजल की कीमत भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति, रिफाइनिंग खर्च, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और राज्य सरकार के वैट को जोड़ने के बाद पेट्रोल-डीजल की अंतिम कीमत तय होती है। अलग-अलग राज्यों में टैक्स अलग होने के कारण हर शहर में ईंधन के रेट भी अलग रहते हैं।



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