पानीपत
भोड़वाल माजरी स्थित आध्यात्मिक स्थल पर चलने वाले निरंकारी समागम की तैयारियों को पूरा करने में मंडल के अधिकारी और स्वयंसेवक लगे हैं।
श्रद्धालुओं के लिए सभी बुनियादी सुविधाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा हैं। इनमें कई सुविधाएं स्थापित हो चुकी हैं। समागम 23 से 26 अक्टूबर तक चलेगा। देश सहित विदेश के श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया है। उल्लेखनीय हैं कि समागम में दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं का हुजूम भोड़वाल माजरी रेलवे स्टेशन पर उतरने लगा हैं।
श्रद्धालुओं के पास लगेज होने से मंडल के स्वयंसेवकों द्वारा उनकी मदद का जा रही हैं। ट्रेन से सामान उतारने से लेकर स्वयंसेवक उन्हें पंडाल तक छोड़ रहे हैं।
केवल रेलवे स्टेशन पर 200 से अधिक सेवादल के जवान और स्वयंसेवक का ड्यूटी लगी हैं। रेलवे स्टेशन की लिफ्ट को भी चालू कर दिया गया है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा में जीआरपी और आरपीएफ के जवान भी लगे हैं। स्टेशन व प्लेटफार्म को रंग-रोगन करने के बाद वहां बिजली, पानी, शौचालय का उत्तम प्रबंध किया गया हैं।
स्टेशन परिसर में भी श्रद्धालुओं के बैठने और सामान रखने के लिए टेंट लगाए गए हैं। समागम परिसर में एटीएम मशीन और मोबाइल टावर लगभग स्थापित हो चुके हैं। चिकित्सा, प्रकाशन, प्रचार, पार्किंग, लंगर, पानी, बिजली, शौचालय को लगभग अंतिम रूप दिया जा चुका हैं।
बिजली सप्लाई व्यवस्था को लेकर चिंता
बुधवार रात दस बजे से बिजली कर्मचारियों का तीन दिवसीय हड़ताल हैं। 23 अक्टूबर से समागम शुरू हो रहा हैं।
समागम में ड्यूटी पर लगे कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से समागम की सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती हैं। निरंकारी मंडल का ओर से समालखा और गन्नौर से 2.5-2.5 मेगावाट बिजली का लोड समागम के लिए लिया गया हैं।
वैसे मंडल का ओर से बिजली का वैकल्पिक व्यवस्था का गई हैं। बड़े-बड़े जनरेटर लगाए गए हैं। निगम के कार्यकारी अभियंता एमएस धीमान ने इस बाबत प्रशासन और निरंकारी मंडल के अधिकारियों को पूर्व सूचना भेज दी हैं।
पांडाल में भी अतिरिक्त टिकट काउंटर लगाए जाएंगे
वीरवार से रेलवे के 32 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। ये कर्मचारी 22 से 27 अक्टूबर तक तैनात रहेंगे। श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम बनाने और टिकट लेने में परेशानी से बचाने के लिए भोड़वाल माजरी रेलवे स्टेशन के साथ निरंकारी पांडाल में भी अतिरिक्त टिकट काउंटर लगाए जाएंगे।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस बार समागम में 12 से 15 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया है, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के ट्रेन से आने और वापस लौटने की संभावना को देखते हुए टिकट व्यवस्था के साथ रेल परिचालन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, कर्मचारियों की तैनाती का उद्देश्य सभीड़ को नियंत्रित करना, टिकट उपलब्ध कराना और ट्रेनों में चढ़ने-उतरने के दौरान होने वाली परेशानी को कम करना है।
कारोबारियों में लगी हैं दुकान के लिए जगह की होड़ समागम स्थल के बाहर कारोबार के लिए दुकान की जगह लेने वालों में होड़ लगी हैं। जमीन मालिकों ने परिसर से लगते खेतों को खाली कर दिया हैं।
वर्ग गज के हिसाब से कारोबारियों को सप्ताह और दस दिनों के लिए ठेके पर जगह दी जा रही हैं। एक दुकान के लिए एक सप्ताह से दस दिनों का रेट 12 से 15 हजार रुपये रखा है।















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