शिवपुरी
शिवपुरी जिले के नरवर क्षेत्र में मड़ीखेड़ा के पास स्थित भीमपुर गांव आने वाले समय में न्यूक्लियर पावर सिटी के रूप में तैयार हो सकता है। क्योंकि इस गांव में 2800 मेगावाट का न्यूक्लियर पावर प्लांट भारत सरकार लगाने जा रही है जिसकी तैयारियां चल रही हैं। करोड़ों के इस प्रोजेक्ट के आने की आहट से ही क्षेत्र में बदलाव आने शुरू हो गए हैं।
बंजर जमीनों के दाम छूने लगे आसमान
भीमपुर सहित नजदीकी आधा दर्जन गांवों में जमीनों के रेट बढ़ गए हैं। जिन बंजर जमीनों के रेट अभी तक एक से दो लाख प्रति बीघा था वह छह से सात लाख रुपए तक जा पहुंचे हैं।इधर पावर प्लांट के आसपास के गांवों में लोग जमीनें तलाशने के लिए पहुंचने लगे हैं। लेकिन ग्रामीण और किसान अपनी जमीनों को नहीं बेच रहे बल्कि वह सरकार से चार नहीं बल्कि छह गुना पैसा मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
पावर प्लांट के लिए रीड़ की हड्डी साबित होगा मड़ीखेड़ा
इस अहम प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए मड़ीखेड़ा बांध रीड की हड्डी के रूप में साबित होगा क्योंकि इसी बांध के पानी का उपयोग इस पावर प्लांट पर किया जाएगा। इस पावर प्लांट के तहत 700-700 मेगावाट की चार यूनिट लगाई जाने की प्लानिंग है। पावर प्लांट को लेकर जीओ टैगिंग प्रक्रिया हो चुकी है। जल्द ही प्रोजेक्ट का खाका जमीन पर उतरने की उम्मीद है।
भीमपुर से जुड़े यह गांव
शिवपुरी जिले के नरवर क्षेत्र के अंतर्गत आनेे वाले भीमपुर गांव के पास टुकी, नानकपुर, गोपलिया, बड़खाई, छीमक, नानकपुर सहित करीब आधा दर्जन गांव आते हैं। इन गांवों में कुछ जमीनें पथरीली हैं। लेकिन बांध क्षेत्र होने के कारण क्षेत्र में शीतलता रहती है। इसी वातावरण को देखते हुए पावरप्लांट के लिए भीमपुर गांव चुना गया है। जमीनों के सौदागर गांवों में पहुंच रहे हैँ लेकिन ग्रामीणों को पावर प्लांट के आने का बेसब्री से इंतजार है।















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