भागलपुर के 30 किसानों को मिलेगी स्मार्ट बागवानी की ट्रेनिंग, ड्रोन और सेंसर तकनीक का सीखेंगे इस्तेमाल

भागलपुर
 फल उत्पादन बढ़ाने के साथ खेती की लागत कम करने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए अब आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जाएगा। इसके लिए भागलपुर के 30 चयनित किसानों को स्मार्ट बागवानी का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), भागलपुर की ओर से किसानों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय, पिपराकोठी, पूर्वी चंपारण भेजा गया है।

दो से छह नवंबर तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में विशेषज्ञ और कृषि वैज्ञानिक किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ फल उत्पादन की तकनीक सिखाएंगे।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा से संबद्ध महाविद्यालय में आयोजित प्रशिक्षण के पहले दिन स्मार्ट बागवानी, सेंसर आधारित इंटरनेट आफ थिंग्स (आइओटी) तकनीक, आधुनिक फल उद्यान की स्थापना और मिट्टी के स्वास्थ्य प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी।

दूसरे दिन ड्रिप सिंचाई, फर्टिगेशन, जल उपयोग की दक्षता, विविधीकृत खेती और बहुस्तरीय फल उत्पादन प्रणाली के बारे में बताया जाएगा। इसके साथ ही पौधशाला प्रबंधन और बिना मिट्टी के पौधे तैयार करने की तकनीक भी सिखाई जाएगी।

ड्रोन से फसलों की निगरानी का मिलेगा प्रशिक्षण
तीसरे दिन बागवानी में ड्रोन के उपयोग, फसलों की निगरानी और पौध संरक्षण में इसकी भूमिका का व्यावहारिक प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा फलदार पौधों की छत्रक प्रबंधन तकनीक और कटाई के बाद फलों को खराब होने से बचाने के उपाय बताए जाएंगे

चौथे दिन फल उद्यानों में अंतरवर्ती खेती, अतिरिक्त आमदनी के अवसर और एकीकृत कृषि प्रणाली (आइएफएस) माडल की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए किसानों को खेतों और महाविद्यालय परिसर का भ्रमण भी कराया जाएगा।

गुणवत्ता और बाजार मूल्य बढ़ाने पर जोर
प्रशिक्षण के अंतिम दिन फल फसलों में कीट प्रबंधन तथा टिकाऊ बागवानी एवं वानिकी उत्पादन प्रणाली की जानकारी दी जाएगी। समापन समारोह में प्रशिक्षण लेने वाले किसानों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जाएंगे।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाकर फल उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाना तथा उपज का बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाना है।

आत्मा के उप परियोजना निदेशक प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण से किसानों को आधुनिक खेती अपनाने और आमदनी बढ़ाने में काफी लाभ मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *