मंदसौर में बंद सोसायटियों पर कार्रवाई शुरू:दर्जनों संस्थाओं के पंजीयन निरस्त होंगे, एक सप्ताह में मांगे आपत्ति आवेदन




मन्दसौर में सहकारिता विभाग द्वारा वर्षों से बंद पड़ी सहकारी संस्थाओं के खिलाफ पहली बार बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई है। आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं मध्यप्रदेश भोपाल के निर्देश पर उपायुक्त सहकारिता मंदसौर द्वारा जिले की निष्क्रिय और परिसमापन में चल रही सहकारी सोसायटियों के पंजीयन निरस्त किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। सहकारिता उप आयुक्त परमानंद गोडरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि कई वर्षों से बंद पड़ी और निष्क्रिय हो चुकी सोसायटियों का अस्तित्व अब सहकारिता पटल से समाप्त किया जाएगा। विभाग द्वारा इस कार्रवाई को युद्ध स्तर पर संचालित किया जा रहा है तथा मई 2026 के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य तय किया गया है। इन प्रमुख सहकारी संस्थाओं के पंजीयन होंगे निरस्त कार्रवाई की जद में आने वाली संस्थाओं में प्रमुख रूप से दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित पीर गुराडिया, लखमाखेड़ी, फतेहपुर, टिडवास, आंत्रीखुर्द, कांचरिया चन्द्रावत, बोतलगंज, हरमाला, कचनारा (मल्हारगढ़), नारायणगढ़-2, मुवाला, भोलिया-2, श्री कृष्ण महिला रिछा, बेलारा, उदपुरा, भालोट-2, लामगरा-2, चिपलाना ढलमु मगरा, अर्निया गौड़, कवला, गांगसी, ओसरना, चचावदा साठिया, कुण्डला खुर्द, आंवरा, बोरखेड़ी घाटा, निपानिया, धामनिया झाली, गोपालपुरा, चम्बल चौराहा (भानपुरा), पिपलिया जति, गरोठ, लसुडिया, श्रीनगर, असावती, बगचाच, छायन, पिपलखुटा, ढाबा, मगराना, खोडाना, डोराना, कांचरिया कदमाला रूपारेल, सिंदपन सौंधिया, पाडलिया लालमुंहा सहित अनेक संस्थाएं शामिल हैं। इसके अलावा सार्थक साख मंदसौर, ग्रामीण विकास साख संस्था बरखेड़ा देव डूंगरी, कंचन साख मंदसौर, प्रबल निधि साख मंदसौर, सांवलिया बीज धमनार-2, जय बालाजी बीज राणाखेड़ा, सांवलिया बीज नारायणगढ़, कृषक कल्याण बीज बर्डिया इस्तमुरार, शिवकृपा बीज मकड़ावन तथा स्टील फर्नीचर उद्योग दलौदा जैसी संस्थाओं पर भी पंजीयन निरस्तीकरण की कार्रवाई प्रस्तावित है। संबंधित सदस्य और पदाधिकारी रख सकेंगे अपना पक्ष उपायुक्त सहकारिता कार्यालय द्वारा सभी संबंधित संस्था संचालकों, सदस्यों एवं पदाधिकारियों को सूचित किया गया है कि यदि किसी को इस कार्रवाई के संबंध में कोई आपत्ति हो अथवा अपना पक्ष रखना हो तो वे एक सप्ताह के भीतर उपायुक्त सहकारिता कार्यालय, मित्र वत्सला रामटेकरी, मंदसौर में कार्यालयीन समय के दौरान उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। वर्षों से निष्क्रिय संस्थाओं पर प्रशासन सख्त सहकारिता विभाग की इस कार्रवाई को जिले में निष्क्रिय सहकारी संस्थाओं के विरुद्ध अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक पहल माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि वर्षों से बंद पड़ी संस्थाओं के कारण सहकारिता व्यवस्था प्रभावित हो रही थी तथा रिकॉर्ड प्रबंधन में भी दिक्कतें सामने आ रही थीं। ऐसे में अब निष्क्रिय संस्थाओं को समाप्त कर सहकारिता व्यवस्था को व्यवस्थित करने की दिशा में कदम उठाया गया है।



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